बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन भी विपक्ष का हंगामा जारी है। विधानसभा के मेन गेट पर विपक्षी विधायक जमकर हंगामा कर रहे हैं। विपक्षी विधायकों ने आज सदन में कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया है। विधायकों का कहना है कि सदन के सभी कार्यवाही को तत्काल रोकर 1 घंटे SIR पर चर्चा किया जाए। यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो वो सदन की कार्यवाही नहीं चलने देंगे। वहीं विधानसभा के मेन गेट पर बैठक कर विपक्षी नेता प्रदर्शन कर रहे हैं उनका कहना है कि वो सीएम नीतीश को अंदर नहीं जाने देंगे। दरअसल, बढ़ते अपराध और SIR (सिटीजन इन्वेस्टिगेशन रजिस्टर) के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने काले कपड़े पहनकर विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस, राजद और अन्य विपक्षी दलों के विधायकों ने सदन के मेन गेट पर धरना दिया। विपक्ष हाथों में बैनर पोस्टर लेकर जमकर बवाल काट रहे हैं। वहीं भाई विरेंद्र ने साफ तोड़ पर कहा है कि उन्होंने सदन में किसी भी प्रकार की असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया है इसलिए वो मांफी नहीं मांगेंगे। बता दें कि बीते दिन सदन की कार्यवाही के दौरान राजद विधायक ने कहा था कि विधानसभा किसी की बपौती नहीं है। जिसके बाद जबरदस्त बवाल हुआ और अध्यक्ष ने राजद विधायक को मांफी मांगने के लिए कहा। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि, राज्य में लाखों वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। अब बस अंतिम सूची का प्रकाशन बाकी है। हमें चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है। अगर जरूरत पड़ी, तो हम सभी विपक्षी पार्टियां मिलकर चुनाव का बहिष्कार करेंगी। गौरतलब हो कि, मानसून सत्र के तीसरे दिन भी विधानसभा और विधान परिषद दोनों सदनों में SIR को लेकर जबरदस्त नारेबाजी और हंगामा देखने को मिला था। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इस कानून के जरिए आम जनता की निगरानी कर रही है और गोपनीयता का उल्लंघन हो रहा है। सत्र के दौरान एक हल्का-फुल्का लेकिन चर्चित दृश्य भी देखने को मिला, जब राजद नेता तेजप्रताप यादव और डिप्टी सीएम विजय सिन्हा एक-दूसरे से सदन के बाहर मिले। तेजप्रताप ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया, तो विजय सिन्हा ने पीठ थपथपाकर आशीर्वाद दिया। दोनों की यह तस्वीर मीडिया और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
