जूनियर रेसलर सागर धनखड़ मर्डर केस में ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार की मुश्किलें फिर से बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने छत्रसाल स्टेडियम में हुई हत्या के मामले में सुशील कुमार की जमानत रद कर दी है। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने पहलवान को जमानत देने संबंधी दिल्ली हाई कोर्ट के 4 मार्च के आदेश को रद्द कर दिया है। साथ ही सुशील कुमार को एक हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश दिया है। पहलावान सुशील कुमार सहित तीन लोगों पर कथित संपत्ति विवाद को लेकर सागर धनखड़ पर जानलेवा हमला करने का आरोप है। इस हमले में धनखड़ के दो दोस्त भी घायल हुए थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, सागर धनखड़ के सिर पर किसी भारी वस्तु के हमले के चोट लगी थी। पहलवान सुशील कुमार मामले में शिकायतकर्ता की वकील जोशीनी तुली ने बताया कि आज सुशील कुमार को दी गई जमानत एक त्रुटिपूर्ण आदेश होने के कारण रद कर दी गई और इसीलिए पीड़ितों के पिता अशोक धनखड़ की अपील पर आज हाईकोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि हमने उस आदेश को इस आधार पर चुनौती दी थी कि वह एक त्रुटिपूर्ण आदेश था। यह कानूनन सही नहीं था क्योंकि सुशील कुमार ने जब भी अंतरिम जमानत दी थी, तब गवाहों से छेड़छाड़ की थी, और मुख्य गवाह ने मामले का समर्थन किया था, और घटना का वीडियो फुटेज भी मौजूद था, इसलिए आज यह अपील स्वीकार कर ली गई। वकील ने कहा कि सुशील कुमार जब भी अंतरिम जमानत पर बाहर आए, उन्होंने घायल गवाहों सहित सभी सरकारी गवाहों से छेड़छाड़ की, और इसीलिए वे सभी निचली अदालत के समक्ष अपने बयानों से मुकर गए, और मुकदमा अभी भी चल रहा है। निचली अदालत में कई सरकारी गवाहों से पूछताछ होनी बाकी है।
