पटना: 01 फरवरी 2026
एएमयू एलुमनाई एसोसिएशन, बिहार–पटना ने हाल के दिनों में अलीग बिरादरी एवं उनके परिजनों के बीच हुए दुखद निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इसी क्रम में सभी मरहूमीन के ईसाल-ए-सवाब, श्रद्धांजलि और उनकी मग़फ़िरत (क्षमा) की दुआ के लिए दिनांक 1 फरवरी, रविवार को एसोसिएशन के कार्यालय, कैपिटल टावर, फ्रेज़र रोड, पटना में एक भावपूर्ण दुआइया महफ़िल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शैक्षणिक, सामाजिक और विधिक क्षेत्र की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के माननीय कुलपति प्रोफेसर फैज़ान मुस्तफा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत पवित्र क़ुरआन के पाठ से हुई। इसके पश्चात एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी मोशीर आलम ने अध्यक्ष एडवोकेट नदीम सराज तथा अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति में सभी सदस्यों का स्वागत किया और मरहूमीन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके उच्च दर्जे और मग़फ़िरत के लिए प्रार्थना की।
प्रख्यात विधिवेत्ता एडवोकेट नसरुल होदा खान ने जीवन और मृत्यु के दर्शन पर विचारोत्तेजक वक्तव्य दिया तथा दिवंगत आत्माओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि प्रोफेसर फैज़ान मुस्तफा ने अपनी स्वर्गीय माता से जुड़ी भावनात्मक स्मृतियाँ साझा कीं। उन्होंने अपनी माता की महानता, त्याग और संस्कारों का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार उन्होंने सभी भाई-बहनों का उत्कृष्ट पालन-पोषण किया और उन्हें ऊँचे मानवीय मूल्यों से संपन्न बनाया। प्रोफेसर मुस्तफा ने एएमयू एलुमनाई एसोसिएशन, बिहार–पटना तथा इसके सभी पदाधिकारियों के प्रति प्रेम, सम्मान और संवेदना व्यक्त करने के लिए हृदय से आभार प्रकट किया।
प्रख्यात इस्लामी विद्वान अल्लामा मुहिब्बुल्लाह मिस्बाही ने जीवन और मृत्यु, परलोक की तैयारी, इस्लाम में माता-पिता के उच्च स्थान तथा उनके निधन के बाद संतानों के कर्तव्यों पर अत्यंत प्रभावशाली प्रकाश डाला। कार्यक्रम का समापन उनकी भावपूर्ण दुआ के साथ हुआ, जिसमें सभी मरहूमीन की मग़फ़िरत, उनके दर्जों की बुलंदी और जन्नतुल फिरदौस में उच्च स्थान की प्रार्थना की गई।
इस दुआइया महफ़िल में डीन एवं प्रिंसिपल लॉ कॉलेज प्रोफेसर शरीफ साहब, डीडीई के निदेशक प्रोफेसर सलीम जावेद, एडवोकेट इकबाल आसिफ नेयाज़ी, अली इमाम साहब, ताजदार अमान, अनवर हुसैन, सैयद काज़िम हुसैन, शहनवाज़ खान, ओमर अकदस जिलानी साहब, अज़फर साहब, अंजुम आबेदीन, एजाज़ हुसैन सहित अनेक वरिष्ठ सदस्य, गणमान्य व्यक्ति और शुभचिंतक उपस्थित रहे।
एसोसिएशन ने जिन प्रमुख हस्तियों के निधन पर शोक व्यक्त किया, उनमें प्रोफेसर फैज़ान मुस्तफा की पूज्य माता, इंस्टीट्यूट ऑफ ऑब्जेक्टिव स्टडीज़ के संस्थापक डॉ. मोहम्मद मंज़ूर आलम, डॉ. अमजद अली (असिस्टेंट प्रोफेसर, एनआईटी पटना) की माता तथा जनाब अनवर हुसैन (बैंक मैनेजर, फुलवारी शरीफ) के पूज्य पिता शामिल हैं। ये क्षतियाँ अलीग समुदाय और बौद्धिक जगत के लिए अत्यंत अपूरणीय हैं।
पवित्र क़ुरआन की आयत है: “कुल्लु नफ़्सिन ज़ाइकतुल मौत” — अर्थात हर जीव को मृत्यु का स्वाद चखना है। इसी अटल सत्य को स्मरण करते हुए सामूहिक प्रार्थना का आयोजन किया गया, ताकि ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और परिजनों के लिए धैर्य एवं संबल की कामना की जा सके।
ईश्वर से प्रार्थना है कि वह सभी मरहूमीन को क्षमा प्रदान करे, उनके दर्जे बुलंद करे, परिजनों को सब्र दे और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में सर्वोच्च स्थान प्रदान करे। आमीन।
