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9वीं की लड़कियों को साइकिल, 10वीं में लैपटॉप, मुफ्त बिजली पर भी बड़ा ऐलान

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली का 103700 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. इस दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने बिजली, पानी, सड़क से लेकर स्वास्थ्य तक कई क्षेत्रों में बड़े ऐलान किए. दिल्ली विधानसभा में सालाना बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री आम लोगों को बड़ी राहत का ऐलान किया. उन्होंने साफ कहा कि शहर में मुफ्त बिजली की योजना जारी रहेगी. सरकार ने बिजली सप्लाई के लिए 3942 का बजट आवंटित किया है. सीएम रेखा गुप्ता ने 9वीं में पढ़ने वाली छात्राओं को मुफ्त साइकिल, जबकि 10वीं के मेधावी छात्रों को फ्री लैपटॉप देने का ऐलान किया है. वहीं अनाधिकृत कॉलोनियों के विकास के लिए 800 करोड़ रुपये और दिल्ली ग्राम विकास के लिए 787 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा दिल्ली जल बोर्ड को 9,000 करोड़ रुपये का बड़ा आवंटन किया गया है. वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 12,645 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. दिल्ली सरकार में वित्त मंत्री का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में दिल्ली का सकल राज्य घरेलू उत्पाद करीब 13 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री के नेतृत्व के चलते दिल्ली को आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिला है. सीएम ने बताया कि पिछले साल दिल्ली सरकार ने 1 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था, जिसमें पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) में 145% की वृद्धि हुई थी. उन्होंने कहा कि केंद्र के सहयोग से ही यह संभव हो पाया है. इस साल दिल्ली सरकार ने 1 लाख 3 हजार 700 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जिसमें करीब 74 हजार करोड़ रुपये टैक्स राजस्व के रूप में आने का अनुमान है. बजट में कुल खर्च का 70.3% हिस्सा राजस्व व्यय  के लिए निर्धारित किया गया है, जबकि 29.7% हिस्सा पूंजीगत व्यय  पर खर्च किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने सालाना बजट (Delhi Budget 2026-27) पेश कर हुए कहा, ‘दिल्ली की अपनी एक अलग पहचान है और यह शहर बार-बार गिरकर उठने की सृजन शक्ति रखता है. दिल्ली पर मां दुर्गा का आशीर्वाद है और देश की राजधानी होने के नाते इसने हमेशा अपनी गरिमा बनाए रखी है.’ सरकार का कहना है कि यह बजट दिल्ली को आधुनिक, स्वच्छ और बेहतर कनेक्टिविटी वाला शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जहां इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण दोनों का संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाएगा. इसके तहत प्रदूषण नियंत्रण, हरित क्षेत्र बढ़ाने और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान दिया जाएगा.सरकार ने बजट के लिए 10 प्रमुख फोकस एरिया तय किए हैं, जिनके जरिए राजधानी के समग्र विकास को गति देने की योजना है. दिल्ली के निर्माण और शहरी ढांचे को मजबूत करने के लिए नगर निगम  को 11,666 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है. इसके अलावा सड़कों और कनेक्टिविटी सुधारने पर विशेष जोर दिया गया है. अनाधिकृत कॉलोनियों के विकास के लिए 800 करोड़ रुपये और दिल्ली ग्राम विकास के लिए 787 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा अन्य विकास कार्यों के लिए 960 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं. राजधानी की सड़कों को ‘डस्ट-फ्री’ बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. इसके तहत 750 किलोमीटर सड़कों का एंड-टू-एंड कारपेटिंग किया जाएगा, जिस पर 1,392 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. साथ ही MCD को सड़कों के विकास के लिए अतिरिक्त 1,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण के लिए 160 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. वहीं पैदल यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फुटओवर ब्रिज के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. सीएम रेखा गुप्ता नेकहा,‘राजधानी में बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने का काम तेजी से जारी है. चांदनी चौक इलाके में इसकी शुरुआत हो चुकी है. इस तरह की परियोजनाओं के लिए 200 करोड़ रुपये का विशेष फंड रखा गया है. इसके अलावा नए सबस्टेशन और ट्रांसफार्मर लगाने के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है, ताकि बिजली आपूर्ति को अधिक सुरक्षित और स्थिर बनाया जा सके.’
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