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खुले फलों पर एफएसडीए की सख्ती, 57 किलो खराब फल नष्ट

अलीगढ़, 2 मई (रजनी रावत)। गर्मी के मौसम में तरबूज, खरबूजा, आम और ककड़ी जैसे मौसमी फलों की बढ़ती मांग को देखते हुए आमजन के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने शनिवार को शहर में सड़क किनारे संचालित फल दुकानों और मंडियों पर सघन अभियान चलाया।
औचक निरीक्षण के दौरान टीम ने विभिन्न स्थानों पर फलों की गुणवत्ता की जांच की। राहत की बात यह रही कि कहीं भी कृत्रिम रूप से पकाए गए या लाल किए गए संदिग्ध तरबूज नहीं मिले। हालांकि निरीक्षण में करीब 22 किलोग्राम कटे-फटे आम खुले में मक्खियों और धूल के संपर्क में बिक्री के लिए रखे मिले, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कराया गया। इसके अलावा 35 किलोग्राम सड़े-गले खरबूजे भी बरामद हुए, जिन्हें टीम ने नष्ट कराते हुए संबंधित विक्रेताओं को कड़ी चेतावनी दी।
एफएसडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फलों को कैल्शियम कार्बाइड जैसे रसायनों से कृत्रिम रूप से पकाना खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा-59 के तहत दंडनीय अपराध है, जिसमें 6 माह से 3 वर्ष तक की सजा और 5 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
टीम ने विक्रेताओं को निर्देश दिए कि कटे हुए फलों की खुले में बिक्री न करें और फलों को धूल, गंदगी व मक्खियों से बचाने के लिए जाली या कांच के बॉक्स में सुरक्षित रखें।
जनहित में विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि अत्यधिक चमकदार, असामान्य रूप से जल्दी पके या कटे-फटे फल खरीदने से बचें। खाद्य संबंधी शिकायत के लिए उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 1800-180-5533 या एफएसएसएआई के “फूड सेफ्टी कॉन्टेक्ट” ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
एफएसडीए ने बताया कि आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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