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जिले में 14 मई को होगा हवाई हमला एवं ब्लैकआउट मॉक ड्रिल अभ्यास।

किशनगंज  जिला पदाधिकारी श्री विशाल राज की अध्यक्षता में सिविल डिफेंस – ब्लैक आउट/मॉक ड्रिल अभ्यास से संबंधित बैठक महानंदा सभागार में आयोजित की गई। बैठक में मॉक ड्रिल के सफल आयोजन को लेकर  सिविल डिफेंस वॉलिंटियर्स के साथ विस्तृत समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने सभी सिविल डिफेंस वॉलिंटियर्स को निर्धारित ड्रेस में रहने का निर्देश दिया। जिन वॉलिंटियर्स के पास ड्रेस उपलब्ध नहीं है, उन्हें अनिवार्य रूप से पहचान पत्र साथ रखने का निर्देश दिया गया। साथ ही उन्होंने सभी संबंधित सिविल डिफेंस के वॉलिंटियर्स को अधिकतम संख्या में लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ताकि मॉक ड्रिल का उद्देश्य प्रभावी रूप से पूरा हो सके। जिला पदाधिकारी महोदय ने निर्देश दिया कि 14 मई को प्रस्तावित ब्लैकआउट अभ्यास का सफल एवं व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने हेतु  अपने-अपने स्तर से आवश्यक तैयारी पूरी करें। उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि मॉक ड्रिल के दौरान आमजन के बीच किसी प्रकार की पैनिक सिचुएशन उत्पन्न नहीं हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए तथा लोगों को समय-समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए। भारत सरकार, गृह मंत्रालय एवं बिहार सरकार के निर्देशानुसार नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से दिनांक 14 मई 2026 को किशनगंज जिले में हवाई हमला एवं ब्लैकआउट संबंधी मॉक ड्रिल अभ्यास आयोजित किया जाएगा। यह अभ्यास शाम 07:00 बजे से 07:30 बजे तक आयोजित होगा। जिला प्रशासन द्वारा इस संबंध में विस्तृत तैयारी की गई है। मॉक ड्रिल के दौरान जिले के प्रमुख स्थलों — समाहरणालय परिसर, बस स्टैंड एवं गांधी चौक — पर विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों का सिमुलेशन कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया जाएगा। अभ्यास के दौरान एयर रेड वार्निंग, ब्लैकआउट, निकासी एवं सुरक्षित आश्रय, खोज एवं बचाव, चिकित्सा सहायता तथा अग्निशमन संबंधी गतिविधियों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए SDRF, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, पुलिस प्रशासन, होमगार्ड, रेड क्रॉस एवं नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। समाहरणालय परिसर में मॉक ड्रिल के दौरान आपदा की स्थिति उत्पन्न होने पर अधिकारियों एवं कर्मियों की सुरक्षित निकासी, प्राथमिक उपचार, मेडिकल सहायता एवं अग्निशमन कार्यों का अभ्यास किया जाएगा। वहीं बस स्टैंड क्षेत्र में यात्रियों की भीड़ के बीच एयर रेड वार्निंग, ब्लैकआउट एवं आपातकालीन निकासी की प्रक्रिया का प्रदर्शन होगा। गांधी चौक पर यातायात नियंत्रण, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, घायलों के उपचार तथा आग लगने जैसी परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई का अभ्यास किया जाएगा। जिला पदाधिकारी सह इंसिडेंट कमांडर द्वारा सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ मॉक ड्रिल को सफल बनाने का निर्देश दिया गया है। मॉक ड्रिल के दौरान विधि-व्यवस्था संधारण, ट्रैफिक नियंत्रण, संचार व्यवस्था एवं आपातकालीन सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि मॉक ड्रिल के दौरान किसी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। यह अभ्यास पूर्णतः पूर्व नियोजित है और इसका उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया क्षमता विकसित करना है। इसके अतिरिक्त संबंधित स्थलों पर समय-समय पर पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम के माध्यम से लोगों को जानकारी दी जाएगी ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
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