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उद्धव की पार्टी में टूट तय, संसदीय दल की बैठक में पहुंचे सिर्फ 3 सांसद; बागी MPs ने बनाया अलग गुट

शिवसेना की आज गुरुवार को हुई बैठक में सिर्फ 3 सांसद पहुंचे हैं. 6 बागी सांसदों ने पार्टी की संसदीय दल की बैठक से दूरी बनाई है. इसके घटनाक्रम के बाद उद्धव की पार्टी में टूट तय मानी जा रही है. संसद भवन स्थित पार्टी कार्यालय में बुलाई गई बैठक में अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजा वाजे मौजूद रहे. अनुसार संजय दिना पाटिल, संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टीकर, ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय जाधव बैठक में नहीं पहुंचे. दावा है कि इन 6 सांसदों ने अपना अलग संसदीय गुट बना लिया है और इससे संबंधित पत्र भी लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंप दिया है. यूबीटी शिवसेना व्हिप के उल्लंघन के कारण इन अनुपस्थित सांसदों पर कार्रवाई करेगी. दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत व्हिप केवल सदन की कार्यवाही के लिए ही वैध रूप से जारी किया जा सकता है, न कि पार्टी की आंतरिक बैठकों के लिए. इसका कारण यह है कि सर्वोच्च न्यायालय ने दसवीं अनुसूची के पैरा 2(1)(b) में प्रयुक्त “मतदान” और “मतदान से विरत रहने” की व्याख्या की है. व्हिप का महत्व विधायी कार्यवाहियों से जुड़ा है, न कि पार्टी की संगठनात्मक बैठकों से. व्हिप सदन की कार्यवाही पर लागू होता है, पार्टी मंचों पर नहीं.अरविंद सावंत ने कहा कि व्हिप का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. वहीं, संजय राउत ने कहा कि बागियों को सबक सिखाने की जरूरत है. पार्टी नेतृत्व ने तीन लाइन का व्हिप जारी किया था और गुरुवार को नई दिल्ली में संसदीय दल की आपात बैठक बुलाई थी. सांसदों के लिए बैठक में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य किया गया. राउत ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जरूरत के कारण व्हिप जारी किया गया है. उन्होंने कहा कि व्हिप सभी सांसदों तक पहुंच गया है. इसे उनके घरों पर भेजा गया है, ईमेल किया गया है और व्हाट्सएप पर भी भेजा गया है. सावंत ने कहा, व्हिप का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पार्टी प्रमुख (उद्धव ठाकरे) से विचार-विमर्श के बाद कार्रवाई की जाएगी. सावंत ने कहा कि शिवसेना के दिवंगत संस्थापक बाल ठाकरे ने पाला बदलने वाले सांसदों और विधायकों की पिटाई करने तक का सुझाव दिया था.

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