बलिया/बेगूसराय थाना क्षेत्र के मध्य विद्यालय शादीपुर में मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) योजना के लिए उपलब्ध कराए गए लगभग 48 क्विंटल चावल की चोरी का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार घटना बीते शनिवार की बताई जा रही है। तीन से चार दिन बीत जाने के बावजूद विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज नहीं कराए जाने से मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि शनिवार को विद्यालय से चावल चोरी होने की जानकारी मिली थी, लेकिन अब तक प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कोई पुलिस प्रशासन के अधिकारी अभी तक यहां जांच करने नहीं आए , आखिर ऐसे मामले में अब तक पुलिस को सूचना क्यों नहीं दिया गया है ? कहीं ये गबन तो नहीं है जिसे चोरी रूप दिया जा रहा है ? कई ग्रामीणों ने यह बताया की विद्यालय परिसर में ही भवन निर्माण कार्य चल जिसमें काम करने वाले मजदूर भी विद्यालय परिसर में रहते हैं,तो उनके रहते हुए चोरी कैसे हो गया ? इतना चावल चोरी कर ले जाने में कोई अकेला नहीं कर सकता है ! विद्यालय के ठीक सामने महज 500 मीटर की दूरी पर ही विद्यालय के प्रधानाध्यापक का घर है जिसके सबसे ऊपरी छत पर विद्यालय की ओर एक सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं संभवतः इस वारदात की फुटेज इस सीसीटीवी कैमरे में हो सकता है। जो जांच का विषय है। मिली जानकारी के अनुसार, विभाग द्वारा शुक्रवार को विद्यालय के लिए करीब 48 क्विंटल चावल उपलब्ध कराया गया था। इसके अगले ही दिन चावल चोरी होने की सूचना सामने आई। हालांकि, इस गंभीर मामले में विद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक कोई लिखित शिकायत संबंधित अधिकारियों या पुलिस को नहीं दी गई है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुरेन्द्र कुमार पांडे ने बताया कि प्रभारी प्रधानाध्यापक रामनरेश राय ने उन्हें केवल मौखिक रूप से घटना की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित विद्यालय प्रधान को तत्काल स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज करानी चाहिए थी, लेकिन अब तक ऐसा नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लिखित आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रखंड मध्यान्ह भोजन साधनसेवी रामविलास कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा शुक्रवार को 48 क्विंटल चावल मध्य विद्यालय शादीपुर के लिए भेजा गया था। इस संबंध में जब प्रभारी प्रधानाध्यापक रामनरेश राय से दूरभाष पर संपर्क कर घटना के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने किसी भी प्रकार की जानकारी देने से इनकार कर दिया। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में कई तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में चावल चोरी होना और उसके बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं कराया जाना कई सवाल खड़े करता है। अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
