बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद को चारा घोटाला मामले में राहत मिल गई है. इसे लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, इसके बाद उनकी जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया गया. जानकारी के मुताबिक, ईडी ने सुप्रीम कोर्ट से लालू प्रसाद की जमानत रद्द करने और सजा पर रोक हटाने की मांग की थी, जिसे इनकार कर दिया गया है. ईडी की मांग को खारिज कर हाईकोर्ट को आदेश दिया गया है कि सजा के खिलाफ दायर अपील की जल्द सुनवाई पूरी करें. चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद के अलावा अन्य आरोपियों को 2018 में ही दोषी करार दे दिया गया था. इसके बाद लालू प्रसाद ने अपनी सजा के खिलाफ कोर्ट में अपील दायर की थी. अब तक यह मामला कोर्ट में लंबित है. इसके बाद मामले में लालू प्रसाद को 2021 में जमानत दे दी गई थी. जानकारी के मुताबिक, सुनवाई पूरी नहीं होने की वजह से कोर्ट ने यह फैसला लिया था. कोर्ट की तरफ से यह कहा गया था कि जब तक अपील पर फैसला नहीं आता है तब तक वे जमानत पर ही रहेंगे. ऐसे में ईडी ने इस जमानत को रद्द करने की मांग की थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि इतने दिनों से लंबित मामले में दखल देना सही नहीं है. सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि वह मामले में हस्तक्षेप करने के लिए इच्छुक नहीं है. हाईकोर्ट अगले 6 महीनों के अंदर लालू प्रसाद और अन्य आरोपियों को लेकर सुनवाई पूरी करे. इस तरह से समय सीमा सुप्रीम कोर्ट की तरफ से तय कर दी गई है.
