पटना में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान विधायकों और पत्रकारों पर कथित हमले को लेकर बिहार सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि छात्रों को आंदोलन करने का पूरा अधिकार है, लेकिन आंदोलन की आड़ में हिंसा और हमला करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। विधानमंडल के दोनों सदनों में गुरुवार को बुधवार को पटना के डाकबंगला चौराहे पर हुए प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि कई विधायकों ने सदन में बताया कि उन्हें चिन्हित कर हमला किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस घटना की निंदा की है। विजय चौधरी ने कहा कि सरकार छात्रों के आंदोलन के अधिकार को स्वीकार करती है, लेकिन सामने आए वीडियो और दृश्यों से ऐसा प्रतीत होता है कि प्रदर्शन में कुछ असामाजिक तत्व भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों पर भी हमला किए जाने की बात सामने आई है। सरकार ऐसे मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करेगी। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि विधायकों और पत्रकारों पर हमला करने वाले लोगों को आंदोलन की आड़ में बचने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले बीजेपी विधायक श्याम बाबू यादव ने विधानसभा में बुधवार के प्रदर्शन का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान उन्हें निशाना बनाकर हमला किया गया। विधायक ने कहा कि उनके वाहन और सुरक्षाकर्मियों पर भी हमला हुआ और उनकी जान को खतरा पैदा हो गया था। उन्होंने आशंका जाहिर की कि उनकी हत्या की कोशिश थी। इस बयान के बाद विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और हंगामा बढ़ गया। स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि “यह सदन है, कोई युद्ध का मैदान नहीं।” लगातार हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही कुछ ही मिनटों बाद दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। विधान परिषद में भी विधायकों पर कथित हमले और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और हंगामे के कारण परिषद की कार्यवाही भी बाधित हुई और सदन को स्थगित करना पड़ा।
