पटना। टी.पी.एस. कॉलेज, पटना में हिंदी विभाग के तत्वावधान में आयोजित तुलसीदास जयंती समारोह में मुख्य वक्ता डॉ. शशि भूषण चौधरी ने रामचरितमानस के प्रमुख पात्रों के चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस के माध्यम से भारतीय संस्कृति एवं जीवन-मूल्यों की रक्षा और प्रतिष्ठा का महत्वपूर्ण कार्य किया। रामचरितमानस केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि परिवार और समाज को जोड़ने तथा मानवीय मूल्यों को स्थापित करने की प्रेरणा देने वाला महान ग्रंथ है। उन्होंने तुलसीदास को भारतीय संस्कृति का संवाहक कवि बताया।
महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. तपन कुमार शाण्डिल्य ने अपने संबोधन में रामचरितमानस के प्रमुख पात्र हनुमान के चरित्र पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हनुमान निष्काम भक्ति, समर्पण, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा के आदर्श हैं। उनके चरित्र में भक्ति के साथ साहस, विवेक, विनम्रता और कर्तव्यपरायणता का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। उन्होंने राम और सुग्रीव की मित्रता स्थापित कराने में हनुमान की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि हनुमान का व्यक्तित्व आदर्श मित्रता, सेवा और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।
कार्यक्रम का मंच संचालन हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. अश्विनी कुमार ने किया। उन्होंने कार्यक्रम के विभिन्न चरणों का प्रभावी संचालन करते हुए तुलसीदास और रामचरितमानस के सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्व को रेखांकित किया। समारोह के अंत में डॉ. ओंकार पासवान ने धन्यवाद ज्ञापन किया तथा मुख्य वक्ता, प्रधानाचार्य, शिक्षकगण, शिक्षकेतर कर्मचारियों एवं उपस्थित छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
संगोष्ठी में महाविद्यालय के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. प्रशांत कुमार, डॉ. शशि शेखर कुमार सिंह, डॉ. चंद्रशेखर ठाकुर, डॉ. हंस कुमार सिंह, डॉ. सोनू कुमार, डॉ. नूतन कुमारी, डॉ. ऊषा किरण, डॉ. सुनीता कुमारी, डॉ. चांदनी कुमारी, डॉ. तरन्नुम नसरीन, डॉ. सुशोभन पलाधि सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त महाविद्यालय के शिक्षकेतर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
