गुरुग्राम में हिट एंड रन केस की शिकार महिला बाइक राइडर सिया ने आपबीती बताई है. उनका कहना है कि यह घटना ऐसी थी कि यदि मैंने जरूरी उपकरण नहीं पहने होते तो मेरी मौत भी हो सकती थी. सिया ने आरोपी कल्याण बैसला के उकसाने वाले दावों को गलत बताया और कहा कि ये लोग मेरा पीछा कर रहे थे. सिया ने कहा, ‘मुझे डर लग रहा था, इसलिए मैं आगे बढ़ गई. फिर जब मैं आगे जाकर थोड़ा स्लो हो जाती हूं तो फिर मेरी बाइक को टक्कर मारते हैं. इसके बाद मैं गिर जाती हूं और वह भाग जाते हैं. वह रुकते भी नहीं हैं. इस मामले में उन पर हत्या के प्रयास की कोशिश होनी चाहिए.’इसके आगे सिया ने कहा कि मुझे जान से मारने की कोशिश की गई थी. मैंने खुद पूरा वीडियो देखा है, वह तीसरी लेन से पहली लेन में कार ले आते हैं. उनका दावा गलत है कि उकसाने का प्रयास किया गया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि वह मेरा पीछा कर रहे थे और इरादे के साथ टक्कर मारी गई थी. कोई महिला राइडर जब निकलती है तो लोग पहचान लेते हैं क्योंकि उनकी चोटी बंधी होती है. सिया ने आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर कहा कि मुझे ऐसी जानकारी नहीं मिली है. लेकिन यदि पकड़ा भी गया है तो मैं कहूंगी की देरी हुई है. महिला राइडर ने कहा पुलिस के एक्शन को लेकर कहा कि 50 घंटे का वक्त बहुत ज्यादा होता है. मुझे उम्मीद होती है कि हमें न्याय मिलेगा. सिया का कहना था कि इन लोगों ने पहले उन्हें रोकने का इशारा किया और जब मैं नहीं रुकी तो फिर पीछा किया गया. पीछा करने पर भी मैंने कहा कि दूर रहो और मेरे पास मत आओ. इसके बाद भी पीछा करते रहे और जब बाइक की रफ्तार धीमी हुई तो टक्कर मारकर आगे बढ़ गए. बता दें कि आरोपी कल्याण बैसला को गुरुग्राम पुलिस ने राजस्थान के दौसा से अरेस्ट कर लिया है. उसके खिलाफ शुरुआत में लापरवाही से कार चलाने का ही केस दर्ज था, लेकिन अब गुरुग्राम के सेक्टर 56 थाने के प्रभारी मनोज कुमार का कहना है कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 78,79 और 109 को जोड़ा गया है. हत्या के प्रयास के तहत कल्याण बैसला को आरोपी बनाया गया है. बता दें कि बाइक राइडर सिया के पिता ने भी सोमवार को कहा था कि यह मामला हत्या के प्रयास का है. इसके अलावा सिया ने भी ऐसी ही मांग दोहराई है.
