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28 सितंबर की आक्रोश पूर्ण राजभवन मार्च की तैयारी के लिए महिला समाज का जत्था रवाना

पटना। जन संगठनों के आह्वान पर शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के मौके पर 28 सितंबर 2026 को पटना में आयोजित आक्रोश पूर्ण राजभवन मार्च की तैयारी के लिए बिहार महिला समाज की जत्था शनिवार को जनशक्ति भवन, पटना से रवाना हुआ। बिहार महिला समाज की संरक्षक प्रोफेसर सुशीला सहाय ने झंडा दिखाकर जत्था को रवाना किया। जत्था का नेतृत्व बिहार महिला समाज की महासचिव राजश्री किरण, उपाध्यक्ष अनिता मिश्रा, युवा नेत्री शबीना खातून आदि कर रही है। जत्था सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, खगड़िया, बेगूसराय, भागलपुर, बांका आदि जिलों का दौरा करेगा। इस मौके पर महिला नेताओं ने कहा है डबल इंजन की सरकार में महिलाओं पर बढ़े जुल्म, अत्याचार, ब्लात्कार की घटनाओं के खिलाफ और 33 फीसद  महिला आरक्षण लागू करने आदि मांगो को लेकर आक्रोश पूर्ण राजभवन मार्च 28 सितंबर को आयोजित है। देश की आधी आबादी का लोकतंत्र में ष्पूरा अधिकारष् है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को अभी लागू किया जाए और जनगणना और परिसीमन की शर्त हटाया जाए। भाजपा सरकार में महिलाओं की समानता, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमले हुए हैं। महिला उत्पीड़न में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। बिहार में लगातार महिलाओं के साथ हिंसा और बलात्कार की घटनाआंे में इजाफा हुआ है, आंकड़े बताते हैं कि राज्य में हिंसा का ग्राफ बढ़ा है। बलात्कार के बाद हत्या की घटनाओं में इजाफा हुआ है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉड ब्यूरो के मुताबिक 2022 तक महिला हिंसा के 22 हजार मामले दर्ज हुए जिसमें सबसे ज्यादा हत्या और बलात्कार के मामले हैं। सरकार को अगर महिलाओं की इतनी चिंता होती तो वे महिलाओं पर हो रही हिंसा के खिलाफ मजबूत कदम उठाते। जीविका दीदी हो या आशा दीदी या रसोईया के मांगों को लगातार उन्होंने अनदेखा किया है। हम मांग करते हैं कि बिहार में गरीब, जरूरतमंद और एकल महिलाओं को सरकार 5 हजार रुपया मानदेय दे। उनके स्वास्थ्य पर बजट बढ़ाए और उनकी सुरक्षा की गारंटी करें। राज्य में खुले फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था सुनिश्चित करे। महिलाओं को रोजगार के अवसर मिले। ग्रामीण और शहरी इलाकों में न्यूनतम मजदूरी का दर बढ़ाया जाय। महिला आरक्षण को लेकर बीजेपी ने जो चाल चली है उसके खिलाफ साम्राट सरकार आवाज बुलंद करे। हम ये मांग करते हैं कि जिस तरह पश्चिम बंगाल में श्लक्ष्मी भंडार योजनाश्, मध्य प्रदेश में श्लाडली बहना योजनाश् और उसी तर्ज पर महाराष्ट में श्लाडकी बहन सम्मान योजनाश् और झारखंड में श्मईंया सम्मान योजनाश् लागू है उसी तर्ज पर बिहार में भी कोई योजना लागू किया जाय और 1.86 करोड़ महिलाओं के खाते में सरकार 1.90 लाख रुपए डाले। बिहार महिला समाज बिहार की महिलाओं से 28 सितंबर के राजभवन मार्च में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील करती है।

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