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इंद्रिया ने पेश किया फेस्टिव कलेक्शन पद्मिका सोने की खूबसूरती और उत्सव के रंगों का नया अंदाज

 त्योहारों के मौसम में प्यार, साथ और खुशियों की भावना का जश्न मनाते हुए इंद्रिया, आदित्य बिरला ज्वेलरी ने अपना नया 22 कैरेट गोल्ड फेस्टिव कलेक्शन ‘पद्मिका’ पेश किया है। मां लक्ष्मी से प्रेरित यह कलेक्शन भारतीय परंपरा में शुभ माने जाने वाले प्रतीकों को आधुनिक आभूषण डिजाइन के साथ जोड़ता है। कलेक्शन के डिजाइन समृद्धि, आशीर्वाद और नई शुभ शुरुआत की भावना को दर्शाते हैं और इन्हें आज के डिजाइन नजरिए से फिर से गढ़ा गया है। कलेक्शन लॉन्च पर इंद्रिया के सीईओ संदीप कोहली ने कहा, त्योहारों का मौसम ज्वेलरी इंडस्ट्री के लिए सबसे अहम समय में से एक बना हुआ है, और इसकी वजह है जश्न, उपहार और शुभ मौकों पर खरीदारी से लोगों का गहरा सांस्कृतिक लगाव। पद्मिका के जरिए हमारा प्रयास इन भावनाओं को ऐसे आभूषणों में उतारना था, जो अर्थपूर्ण हों, खुशी का एहसास कराएं और बरसों तक सहेजे जाएं। समृद्धि और शुभ शुरुआत जैसे विचार भारत की उत्सवी परंपराओं में रचे-बसे हैं और यह कलेक्शन इन्हीं भावनाओं को हमारा सम्मान है। पद्मिका भारत की समृद्ध आभूषण विरासत को सहेजने और उसका उत्सव मनाने की हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। धीरे-धीरे लुप्त हो रही गुलाबी मीनाकारी कला को आधुनिक नजरिए से फिर जीवित करना इसी दिशा में एक कदम है। यह कलेक्शन जिंदगी के अहम पलों का हिस्सा बनने और आने वाले वर्षों तक उनसे जुड़ी यादों को संजोने के लिए तैयार किया गया है। इंद्रिया के हेड ऑफ डिजाइन अभिषेक रस्तोगी ने कहा, पद्मिका की शुरुआत शुभता के उस विचार से हुई, जो हमारे त्योहारों और परंपराओं में गहराई से जुड़ा है। समुद्र मंथन की कथा और उसमें सागर से कमल पर विराजमान मां लक्ष्मी के प्रकट होने ने हमें समृद्धि और नई शुरुआत से जुड़ी एक प्रभावशाली डिजाइन भाषा दी। हमने इस कथा से जुड़े प्रतीकों को अर्थ से भरे संकेतों की तरह देखा और उन्हें ऐसे आधुनिक आभूषणों में ढाला, जो नई पीढ़ी के लिए भी उसी महत्व वाली धरोहर बन सकें। हमने बनारसी मीनाकारी के जरिए हल्के गुलाबी रंगों को भी शामिल किया है, जो पारंपरिक कारीगरी में ताजगी का एहसास जोड़ते हैं। इस तरह तैयार आभूषण भारतीय परंपरा से जुड़े होने के साथ-साथ आज के फेस्टिव पहनावे के लिए सहज और बहुउपयोगी भी हैं। पीले सोने में तैयार इन डिजाइनों में कहीं उभरे हुए स्कल्प्चरल फॉर्म नजर आते हैं, तो कहीं महीन डिटेलिंग। गुलाबी बनारसी मीनाकारी कमल की पंखुड़ियों और सजावटी डिजाइनों में हल्के गुलाबी रंगों के जरिए एक कोमल और समकालीन रंगत जोड़ती है। चमकदार सोने के साथ यह मीनाकारी आभूषणों में रंग और ताजगी लाने के साथ पारंपरिक कारीगरी की पहचान को भी उभारती है। कारीगरी, रंगों और डिजाइन का यह तालमेल ‘पद्मिका’ को बारीकियों से भरपूर बनाता है, वहीं इसके आभूषण इतने सहज हैं कि उन्हें त्योहारों के अलग-अलग मौकों पर आसानी से पहना और स्टाइल किया जा सकता है। पद्मिका की खासियत पारंपरिक कारीगरी और रंगों का मेल है। इस कलेक्शन में धीरे-धीरे लुप्त हो रही पारंपरिक गुलाबी मीनाकारी कला को फिर से जीवित किया गया है। इसके साथ नीली मीनाकारी के रंगों का इस्तेमाल डिजाइन में दिलचस्प कंट्रास्ट पैदा करता है। मीनाकारी के इन चटख रंगों को मां लक्ष्मी और कमल जैसे शुभ प्रतीकों के साथ जोड़ा गया है। कमल का यहां विशेष महत्व है, क्योंकि पद्मिका का शाब्दिक अर्थ है ‘कमल से जन्म लेने वाली’। ये सभी तत्व मिलकर पूरे कलेक्शन को एक अनूठी विजुअल भाषा देते हैं।

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