ePaper

बिहार के किसानों के लिए CM सम्राट का बड़ा तोहफा! धान खरीद पर दिया बड़ा आदेश

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने  धान अधिप्राप्ति का कार्य शुरू करने को लेकर बड़ा आदेश दिया है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक में विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, किसानों से खाद्यान्न की अधिप्राप्ति, जन वितरण प्रणाली तथा राशन कार्ड निर्गमन सहित विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुपालन में विशेष अभियान के तहत नए राशन कार्ड निर्गमन की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने नवम्बर माह से धान अधिप्राप्ति का कार्य शुरू करने का निर्देश दिया। बैठक में किसानों से धान अधिप्राप्ति के विषय पर चर्चा के दौरान वर्तमान लक्ष्य 35 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन करने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श हुआ। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारत सरकार से सहयोग मांगा जायेगा। सीएम सम्राट ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली का उद्देश्य समाज के गरीब, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करना है। गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को ससमय खाद्यान्न उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनहितकारी बनायें। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी गरीब परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराना है। पात्र लाभार्थियों का राशन कार्ड बनाने का कार्य तेज गति से पूरा किया जाए। इसके लिए पंचायत दिवस कार्यक्रम, सहयोग शिविर कार्यक्रम में विशेष अभियान चलाकर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी पात्र लाभार्थी राशन कार्ड से वंचित नहीं रहना चाहिए। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वृद्धजन एवं दिव्यांगजन को खाद्यान्न की होम डिलिवरी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। बैठक में नई जन वितरण प्रणाली दुकानों की अनुज्ञप्ति निर्गत करने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुज्ञप्ति निर्गत करने की प्रक्रिया को जल्द पूरा करें। उन्होंने कहा कि गरीबों के कल्याण और खाद्य सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिये। खाद्य वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता की शिकायत पर भी गंभीरता से कार्रवाई की जाय तथा यह सुनिश्चित किया जाय कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लाभुकों तक पहुंचे। प्रस्तुतीकरण में बिहार में पी०एन०जी० एवं सी०एन०जी० से संबंधित विभिन्न मानकों पर राज्य की रैंकिंग की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने राज्य में पी०एन०जी० अवसंरचना को विकसित करने तथा संबंधित सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया।

 

Instagram
WhatsApp