40वें नेत्रदान पखवाड़े एम्स पटना आई बैंक ने नेत्र विज्ञान विभाग के तत्वावधान में 3 सितंबर 2025 को एक नेत्रदान जागरूकता पदयात्रा का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नेत्रदान को बढ़ावा देना, कॉर्नियल अंधता को समाप्त करने के लिए जन जागरूकता बढ़ाना और इस क्षेत्र में नेत्रदान की शपथ लेने के महत्व को उजागर करना था। यह पदयात्रा सुबह 08:30 बजे ओपीडी फोयर से शुरू हुई, जो गेट नंबर 1 से बाहर निकली, फिर पटना-औरंगाबाद सड़क पर चली, गेट नंबर 4 से परिसर में दोबारा प्रवेश किया और अंत में आईपीडी बिल्डिंग पर समाप्त हुई। इस कार्यक्रम में 300 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें विभिन्न विभागों के फैकल्टी सदस्य, सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट, इंटर्न, नर्सिंग ऑफिसर और अन्य स्टाफ सदस्य शामिल थे। प्रो. (डॉ.) अमित राज, नेत्र विज्ञान विभागाध्यक्ष ने नेत्रदान में अधिक से अधिक जनभागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे कॉर्नियल प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा अवधि को कम किया जा सके। उन्होंने जनता को नेत्रदान की प्रक्रिया, इससे जुड़ी भ्रांतियों और इसके महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इस जागरूकता पदयात्रा का नेतृत्व भी किया और यह भी बताया कि एम्स पटना में आई बैंक 30 अप्रैल 2025 से सक्रिय रूप से कार्यरत है। यह कार्यक्रम एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) सौरभ वत्र्य के नेतृत्व में आयोजित किया गया। उन्होंने विभाग द्वारा समुदाय में जागरूकता और सहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में उठाए गए इस सराहनीय कदम की प्रशंसा की। प्रो. (डॉ.) संजय पांडे, डीन (शैक्षणिक प्रभारी) एवं डीन (अनुसंधान) ने कहा कि यह प्रयास इस क्षेत्र में कॉर्नियल ट्रांसप्लांट सेवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि नेत्रदान में लोगों की रुचि बढ़ रही है, फिर भी जागरूकता की कमी बनी हुई है और इसे दूर करने के लिए निरंतर प्रयासों और सामुदायिक सहभागिता की आवश्यकता है। डॉ. सोनी सिन्हा, अतिरिक्त प्रोफेसर, ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और इस जागरूकता पदयात्रा का नेतृत्व किया। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन और समन्वय में एक प्रमुख भूमिका निभाई।
