गोपालगंज : बिहार शिक्षा परियोजना (समग्र शिक्षा), गोपालगंज के तत्वावधान में आज शहर के शम्भू मैरिज हॉल के सभागार में ‘प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग’ कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक दिवसीय जिला स्तरीय त्रैमासिक नेतृत्व संवर्धन कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले के सरकारी विद्यालयों में चल रहे प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण का उचित क्रियान्वयन तथा इसमें सक्रिय भूमिका निभा रहे प्रखंड स्तरीय तकनीकी टीमों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मुकेश कुमार ने किया तथा एससीआरटी के फ़रवरी माह के जारी आँकड़ो में गोपालगंज को नम्बर वन स्थान प्रात होने पर सबको बधाई दिया। प्रतिभागियों की उपस्थिति: इस कार्यशाला में जिले के सभी प्रखंडों के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं प्रखंड तकनीकी समूह के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समीक्षा एवं प्रशिक्षण: विशेषज्ञों द्वारा प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग के पिछले त्रैमास की प्रगति की समीक्षा की गई और आगामी रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। “पढ़िए, समझिए, करिये, सीखिए” के मूल मंत्र पर जोर दिया गया। सम्मान समारोह: कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने थावे, भोरे , पंचदेवरी, कटेया और उचकागांव प्रखण्ड के तकनीकी टीम के सदस्यों भोरे, थावे और कुचायकोट के प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी तथा शैलेन्द्र कुमार मधुकर लेखापाल थावे , मुनमुन कुमार लेखापाल उचकागांव को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, ताकि अन्य सदस्य भी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रेरित हो सकें। कार्यक्रम में उपस्थित जिला तकनीकी टीम के अध्यक्ष राकेश भारती ने अपने संबोधन में कहा कि PBL शिक्षा पद्धति से सरकारी स्कूलों के बच्चों में वैज्ञानिक सोच और तार्किक क्षमता का विकास हो रहा है। साथ ही जिला तकनीकी टीम के सदस्य श्वेता गुप्ता ने भी प्रखंड तकनीकी टीम की भूमिका को रेखांकित किया तथा पीबीएल के संचालन में आ रही तकनीकि समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए उनका समाधान बताया। कार्यक्रम का समापन भविष्य के लक्ष्यों के संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर नोडल पदाधिकारी आर पी सिंह, जिला तकनीकी टीम के सदस्य श्वेता गुप्ता, भूपेश कुमार तथा जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, विभाग के कर्मी और तकनीकी टीम के सदस्य उपस्थित रहे।
