बिहार की सियासत इस वक़्त करवट ले रही है और अगले 48 घंटे बेहद निर्णायक साबित होने वाले हैं। सत्ता के गलियारों में हलचल तेज़ है, और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज अपने वर्तमान कार्यकाल की आख़िरी कैबिनेट मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे। माना जा रहा है कि बैठक के बाद वे राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाक़ात कर इस्तीफ़ा सौंप देंगे, जिसके बाद एनडीए की नई सरकार के गठन का रास्ता पूरी तरह साफ़ हो जाएगा। इस्तीफ़ा देने के बाद, नई सरकार के गठन तक नीतीश कुमार कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में काम करते रहेंगे। इसी बीच, आज सोमवार को भाजपा और जदयू दोनों दलों की विधायक दल की अहम बैठकें भी प्रस्तावित हैं, जहाँ नई सत्ता संरचना और नेतृत्व पर मुहर लगाई जाएगी। 243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए ने इस बार शानदार प्रदर्शन करते हुए 200 से अधिक सीटों पर कब्ज़ा जमाया है। इसमें भाजपा ने 89, जेडीयू ने 85, एलजेपी (रामविलास) ने 19, जबकि एचएएम और आरएलएम जैसे छोटे सहयोगियों ने 9 सीटें जीती हैं। यह जनादेश साफ संदेश देता है कि बिहार में अबकी बार एनडीए की मजबूत, स्थिर और निर्णायक सरकार बनने जा रही है। नीतीश कुमार आज ही राज्यपाल के सामने अपना इस्तीफ़ा और नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। उधर, सीएम हाउस में जेडीयू विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें सभी विधायकों की उपस्थिति अनिवार्य है। वहीं पटना के गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं। प्रशासन ने सुरक्षा एवं प्रबंधन को देखते हुए 17 से 20 नवंबर तक आम जनता की एंट्री बंद कर दी है। शपथ समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की भी प्रबल संभावना है, जिससे यह आयोजन और भी भव्य होने वाला है। बिहार विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है, और इसी के साथ नई विधानसभा व नई सरकार की प्रक्रिया गति पकड़ चुकी है।सियासत की इस आगे-पीछे की बाज़ी, इस्तीफ़े और शपथ की इस कड़ी ने पटना के राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है और पूरा राज्य इस नए अध्याय का गवाह बनने को तैयार है।
