बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए चुनाव आयोग 10 अक्टूबर यानी कल अधिसूचना जारी करेगा. इसके साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. पहले चरण में 121 सीटों पर 6 नवंबर को मतदान होगा. 17 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे, जबकि 18 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी. 20 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे. 4 नवंबर की शाम 5 बजे पहले चरण का प्रचार थम जाएगा. इस चरण में परचा दाखिल करने के बाद प्रत्याशियों को प्रचार के लिए अधिकतम 15 दिन का समय मिलेगा. बिहार विधानसभा के पहले चरण में जिन 121 सीटों पर मतदान होना है, उनमें से 62 सीटों पर एनडीए का कब्जा है, जबकि 59 सीटें महागठबंधन के खाते में हैं. पहले चरण की 121 सीटों में एनडीए के पास सबसे अधिक 38 सीटें भाजपा के पास हैं. 2020 के चुनाव में भाजपा ने इनमें से 32 सीटों पर जीत दर्ज की थी. इसके बाद वीआईपी के चार विधायक भाजपा में शामिल हो गए, जबकि कांग्रेस के सिद्धार्थ सौरव भी भाजपा में आ गए. जदयू के पास इन सीटों में से 24 सीटें हैं. 2020 में लोजपा से जीते राजकुमार सिंह के जदयू में शामिल होने से पार्टी की संख्या में एक की बढ़ोतरी हुई. महागठबंधन के पास इन 121 सीटों में 59 सीटें हैं. इनमें से राजद 41 सीटों पर काबिज है. कांग्रेस के 8, भाकपा (माले) की 7, सीपीआई और सीपीएम की दो-दो सीटें शामिल हैं. अब तक किसी प्रमुख दल या गठबंधन ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है. एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर बैठकें चल रही हैं, वहीं महागठबंधन में भी सीट बंटवारे को लेकर घोषणा का इंतजार है. प्रशांत किशोर आज प्रत्याशियों के नाम का एलान कर सकते हैं. वैसे पहले चरण में कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दावं पर लगी हुई है. सभी दल अपने कद्दावर विधायकों को फिर से मैदान में उतारने का फैसला कर लिया है.
