उत्तर प्रदेश, बंगाल से आने वाली सब्जियां बाजार में महंगी मिलने से खुदरा मूल्य की सब्जियां हुई महंगी
एस हैदर
बगहा के बाजारों में सब्जियों के दाम बढ़ने से नगर और ग्रामीण वासियों को अधिक मूल्य पर खरीदनी पड़ रही है सब्जियां। महंगी सब्जियों का असर बगहा अनुमंडल के सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पड़ रहा है। जिससे वाल्मीकिनगर, हरनाटाड़, रामनगर सेमरा आदि जगहों के भी दामो में भी बढ़ोतरी हुई है। बगहा नगर वासियों का मानना है कि सब्जियों के लगातार दामों में बढ़ोतरी से आम लोगों के जीवन पर महंगाई का प्रभाव पड़ रहा है। वही बगहा दो के मुख्य मीना बाजार का हाल देखें तो सामान्य सब्जी जिनके दम आसमान को छू रहे हैं। जिनमें आलू की कीमतें 35 रूपया, प्याज की कीमत 40रूपया, टमाटर की कीमत 80 रूपया , तुरई 60 रुपया, पलवल 40 से 60 रूपया, शिमला मिर्च 160 रुपया , भिंडी 50 रुपया, आरूई 60 रुपया , कद्दू 50 रुपया, मिर्च 80 रुपया , बैगन 60, धनियापत्ति 200 रुपया किलोग्राम के भाव से मिल रहे हैं। बगहा दो के मुख्य मीना बाजार के सब्जी व्यवसाई मनोज कुमार का कहना है कि लगातार हुई बारिश और कई जगह जल-जमाव के कारण भी बाहर से आने वाली सब्जियां हम व्यवसाईयों को महंगी मिल रही है। जिसके कारण खुदरा मूल्य की सब्जियां महंगी हो गई है। वही बगहा में मिलने वाली सब्जी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, कानपुर, बाराबंकी और बंगाल राज्य आदि जगह से बगहा के मुख्य बाजार में आती है। वही बगहा के कुछ लोकल सब्जियां भी आती है। जिनके भी दम बारिश और अन्य वजहों के कारण बढ़ गए हैं। आम आदमियों को इस बढ़ती हुई महंगाई में सब्जी जो घरों में बनने वाली दिनचर्या की चीजे हैं। जिसे खरीदने में आम लोगों को अपनी जेबे ढीले करनी पड़ रही है। नगर वासियों का कहना है कि सरकार द्वारा कुछ उचित कदम उठाने की जरूरत है जिससे सब्जियों के दामों को लगाम लगाया जा सके।
