(गोपालगंज) प्रखंड के बेरिया दुर्ग गांव में पंचायत समिति की 15वीं वित्त आयोग की राशि से बने छठ घाट के धंसने के मामले में बीपीआरओ आदित्य अंशु के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय टीम ने जांच किया।
बताया जा रहा है कि प्रखंड के बैरिया दुर्ग पंचायत के बैरिया दुर्ग गांव में 15 वीं वित्त आयोग की चार लाख पैंतालीस हजार आठ सौ रुपये की राशि से पंचायत समिति सदस्य चिंता देवी ने गांव में छठ घाट का निर्माण दो माह पूर्व ही कराया था। तालाब में पानी के अभाव के कारण छठ पूजा को कुछ ग्रामीण तालाब में इलेक्ट्रीक मोटर पंप से पानी भर रहे थे। इसी दौरान नवनिर्मित छठ घाट के धंस कर क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए थे। मामला अखबारों में प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित किया था। जिसके आलोक में बुधवार के दिन बीपीआरओ आदित्य अंशु, मनरेगा के जेई विरेंद्र कुमार और तकनीकी सहायक राजकुमार ने मौके पर पहुंचकर मामले में जांच पड़ताल किया। इस दौरान मौके पर पहुंचे कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्थानीय बीडीसी चिंता देवी को बदनाम करने और सरकारी तालाब के जमीन पर अतिक्रमण करने के नियत से साजिश के तहत गांव में नवनिर्मित छठ घाट की दीवाल को एक जगह क्षतिग्रस्त करने के बाद घाट पर इलेक्ट्रिक मोटर पंप से पानी चलाया गया। जिससे छठघाट के अंदर की मिट्टी के बहने के कारण छठ घाट क्षतिग्रस्त हो गया है। इस दौरान ग्रामीणों ने उक्त लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामला प्रकाश में आने के बाद छठ घाट धंसने का मामला तूल पकड़ लिया है। इस संबंध में बीपीआरओ आदित्य अंशु ने बताया कि जांच रिपोर्ट वरिय पदाधिकारीयों को सौंपी जाएगी।
