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राष्ट्रवादी कवि सम्मेलन सह सम्मान समारोह के रूप में मनाई गई पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई एवं पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती.

गोपालगंज शहर के यादव पुर रोड स्थित मनोरमा मैरिज हॉल में भारत रत्न से सम्मानित देश के दो सपुत, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई एवं बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बी.एच.यू.) के संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती एक भव्य राष्ट्रवादी कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह के रूप में बड़ी धूमधाम से मनाई गई ।  कार्यक्रम की शुरुआत गोपालगंज कलेक्ट्रेट के स्थापना विभाग के वरिय लिपिक अशोक पांडेय, प्रमुख समाजसेवी नवीन श्रीवास्तव, पंकज सिंह राणा, जिले के मशहूर व्यवसायी कृष्णकांत गुप्ता, बिहार क्रिकेट सीनियर टीम के असिस्टेंट कोच सत्य प्रकाश नरोत्तम, रेडियो वर्षा के संस्थापक कृपा शंकर श्रीवास्तव, अभिनय के पितामह विपिन बिहारी श्रीवास्तव, संगीत एवं व्यवसाय में आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली निर्मला श्रीवास्तव एवं कार्यक्रम के संयोजक रियाज अली साहिल ने दीप प्रज्वलन करके किया । सम्मान समारोह के कार्यक्रम में बैडमिंटन को आगे बढ़ाने के लिए कृष्णकांत गुप्ता फुटबॉल को आगे बढ़ाने के लिए समसुल आजाद क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए सत्य प्रकाश नरोत्तम एवं आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स टीम में चयन होने के लिए साकिब हुसैन को अशोक पांडे जी के कर कमरों द्वारा सम्मानित किया गया । समाज सेवा के क्षेत्र में लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार करने वाले नवीन श्रीवास्तव, समाज की भलाई के लिए आवाज उठाने वाले पंकज सिंह राणा एवं अधिवक्ता सत्येंद्र प्रसाद को कार्यक्रम के आयोजन रियाज अली साहिल के द्वारा मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया । व्यवसाय के क्षेत्र में जिला के सबसे नवयुवक व्यवसाय शैलेश कुमार को, महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे लाने में अग्रणी भूमिका निभाने वाली निर्मला श्रीवास्तव को, सभी असहाय व्यक्तियों का हर संभव मदद करने वाली तीरबिरवा निवासी इरफान अली गुड्डू एवं गोपालगंज में पहली बार रेडियो लाने वाले रेडियो वर्षा के संस्थापक कृपा शंकर श्रीवास्तव को अशोक पांडे जी के द्वारा सम्मानित किया गया । अभिनय के क्षेत्र में विपिन बिहारी श्रीवास्तव एवं तल्हा सदत को एवं कार्यक्रम में विशेष सहयोग करने के लिए मनीष गुप्ता, विकास कुमार एवं अर्जुन जी को सम्मानित किया गया ।  कार्यक्रम के दूसरे पड़ाव अर्थात कवि सम्मेलन की अध्यक्षता वरीय कवि गोरखनाथ गुंजन एवं मंच संचालन का कार्य रियाज अली साहिल ने किया । कवि सम्मेलन में सबसे पहले कवि मिथिलेश गौतम ने अपनी कविता “मातृभूमि हित पूर्ण समर्पित,राष्ट्र धर्म का परम पुजारी । पग पग पर संघर्षशील था,राजनीति का कुशल खिलाड़ी” से वाजपेई जी के चाहने वाले सभी लोगों के दिल में ऊर्जा का एक नया संचार जगा दिया । वहीं कवि गुलाम सरवर हाशमी ने अपनी कविता “वतन से अपने जो कोई वफादारी नही करते । वो हैं गद्दार हम उनकी तरफदारी नही करते । वतन ही शान है अपनी वतन ही जान है अपनी, वतन के दुश्मनो से हम कभी यारी नही करते” से सभी श्रोताओं को देश प्रेम का जोश भर दिया । इसके बाद कभी डॉक्टर सामी बहुवर सी ने अपनी कविता “जन्नत की तस्वीर ना देंगे, दुश्मन को कश्मीर ना देंगे” से कवि सम्मेलन में मौजूद सभी लोगों को खड़े होकर तालियां बजाने पर विवश कर दिया । कवित्री आकांक्षा अनुभूति ने अपनी कविता “मेरे कुछ जज्बात है तुम समझोगे क्या । दिसंबर की सर्द रात है तुम समझोगे क्या” से सभी श्रोताओं का मन मोह लिया । कवि जकी हाशमी ने अपनी कविता “गुस्से को काबू में कर लो, इतना तुम बलवान बनो । शैतानों की देखा देखी, तुम भी मत शैतान बनो” से सभी श्रोतागण को सोचने पर विवश कर दिया । कौमी एकता के हवाले से कई गोरखनाथ गुंजन ने अपनी कविता “हिंदू मुस्लिम सिख इसाई,  हैं यदि ये भाई-भाई, आने वाली पीढियां को पाठ हम पढ़ाएंगे” से सबके दिलों को जीत लिया । इसके साथ ही अन्य कवियों में मुबारक हुसेन मुबारक, साक्षी गुप्ता, असद अली साहिल एवं आसना अली साहिल ने अपनी अपनी रचनाओं से सबको भाव विभोर कर दिया । इस कवि सम्मेलन में सभी कवियों, आयोजकों एवं प्रायोजकों ने अपनी-अपनी कविताओं एवं विचारों के माध्यम से अटल बिहारी वाजपेई एवं पंडित मदन मोहन मालवीय को श्रद्धांजलि दिया ।

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