हसनपुरा(सीवान) प्रखंड व नपंचायत क्षेत्र में मंगलवार को बाल दिवस के मौके पर बच्चों द्वारा प्रोग्राम किया गया। वहीं इस दौरान बच्चों के बीच कलम, कॉपी, मिठाई खिलाकर सभी को सम्मानित किया। उन्होंने बाल संसद के सभी सदस्यों को उपहार देकर भी सम्मानित किया। इस दौरान बच्चों के बीच कहा कि हमारे देश में हर साल 14 नवंबर को ‘बाल दिवस’ यानी चिल्ड्रेंस डे के रूप में मनाया जाता है। साल 1964 में 14 नवंबर के दिन भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयंती के मौके पर देश में पहली बार ‘बाल दिवस’ मनाया गया था। तभी से हर साल यह परंपरा चली आ रही है। बता दें कि पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल की 134 वीं जयंती के मौके पर यह दिवस मनाया गया। यह जन्मदिन को बाल दिवस के रुप में इसलिए चुना गया क्योंकि नेहरू जी का बच्चों के प्रति विशेष लगाव था। उनका मानना था कि बच्चे देश के भविष्य के निर्माता हैं। अगर देश का भविष्य सुरक्षित रखना है तो बच्चो का भविष्य अच्छा बनाना हम सभी भारतीयों का कर्तव्य होना चाहिए। इस अवसर सभी शिक्षक, बच्चे मौजूद थे।
