मो बरकतुल्लाह राही
अरवल,13 फरवरी:ऑल इंडिया फ़ोरम फॉर इक्विटी के आह्वान पर अरवल के स्वतंत्रता सेनानी पार्क में वंचित अधिकार दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया. आंदोलन में शामिल छात्र -युवाओं ने शहीद पार्क से महावीर चौक तक समता मार्च निकाला. यूजीसी रेगुलेशन को रोहित एक्ट के तर्ज़ पर संसद से कानून बनाकर लागू करने की मांग करते हुए सामाजिक न्याय आंदोलन के सचिव सुबोध यादव ने कहा कि भाजपा सरकार राजनीतिक चाल के तौर पर यूजीसी रेगुलेशन का इस्तेमाल कर रही है. भाजपा एक बार फिर से बहुजनों के आंख में धूल झोंकना चाहती है. सरकार और न्यायालय के बीच बहुजनों के समता अधिकार के खिलाफ आपसी समझदारी है. यह समझदारी इसलिए भी है कि सरकार और न्यायालयों में मनुवादी कब्ज़ा है . इस वजह से ही बहुजनों का 65% आरक्षण को लागू होने से रोक दिया जाता है और EWS 10% सवर्ण आरक्षण को तुरंत लागू कर दिया जाता है. एससी एसटी ओबीसी के हित में बहुजन आरक्षण को 9 वीं अनुसूची में शामिल करने तथा यूजीसी रेगुलेशन को भी संसद से कानून के रूप में लागू करवाने के लिए व्यापक जन दबाव बनाने की जरूरत है.
समता स्थापित करने के लिए सरकार को जाति जनगणना की गारंटी करनी होगी. संख्यानुपात में सभी विश्वविद्यालयों और तमाम शिक्षण संस्थानों के साथ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में बहुजन आरक्षण लागू करते हुए बैकलॉग को भरना होगा. अब समय आ गया है कि बहुजनों का आंदोलन निजी क्षेत्रों में आरक्षण लागू करने के लिए अंतिम संघर्ष के लिए संगठित हो. मंडल कमीशन के शेष सभी सिफारिशों को सरकार लागू करे.
सभा को संबोधित करते हुए आइसा के नीतीश कुमार ने कहा कि मोदी सरकार NEP 2020 के तहत शिक्षा को बाज़ार में खरीदने और बेचने का माल बना दिया है. इस षड्यंत्र के वजह से ग़रीब वंचित समाज के बच्चे शिक्षा से वंचित कर दिए जाएंगे. सरकार इसे रद्द करे.
सभा को माले नेता रविंद्र यादव, जितेन्द्र यादव,शाह शाद,सूरज प्रताप, रितेश कुमार,राजद नेता रामेश्वर चौधरी , डॉ एके भारती ने संबोधित किया. सभा व मार्च में धर्मेंद्र यादव, मुकेश कुमार,शाह फ़राज़,सुनिल कुमार,अरुण कुमार,मनोज यादव,सुदामा यादव, रामाकांत कुमार उर्फ टुन्ना शर्मा, शोएब नेता ,अमिताभ कुमार,विवेक कुमार,संजीवन ठाकुर,सहित
सभा में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे, जिन्होंने संकल्प लिया कि यह संघर्ष निर्णायक मोड़ तक जारी रहेगा.
