पुरानी संसद यानी संविधान सदन का कमरा नंबर 4 पहले एनडीए अध्यक्ष के तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम था. उनका नेम प्लेट डेढ़ दशक तक लगा रहा. लालकृष्ण आडवाणी भी इसी कमरे में बैठते थे, लेकिन तब भी नेम प्लेट अटल बिहारी वाजपेयी का लगा रहा. बीजेपी के अध्यक्ष रहे जेपी नड्डा भी इस कमरे में बैठे और अब ये कमरा नितिन नवीन के नाम हो चुका है. बता दें कि नितिन नवीन को हाल ही में बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है. वह 45 साल के हैं. बीजेपी के इतिहास में वह सबसे युवा अध्यक्ष हैं. नितिन नवीन को केंद्र सरकार ने टाइप-8 का सरकारी आवास आवंटित किया है. उन्हें लुटियंस दिल्ली के प्रतिष्ठित इलाके में स्थित 1 मोतीलाल नेहरू मार्ग का बंगला दिया गया है. यह वही बंगला है, जो पहले झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो नेता शिबू सोरेन को आवंटित था.डायरेक्टरेट ऑफ एस्टेट के नियमों के मुताबिक, किसी राष्ट्रीय राजनीतिक दल के अध्यक्ष को यदि वह केंद्रीय मंत्री या लोकसभा/राज्यसभा सांसद नहीं है तो टाइप- श्रेणी का सरकारी आवास आवंटित किए जाने का प्रावधान है. बता दें कि टाइप-8 सरकारी बंगला काफी हाई ग्रेड का बंगला माना जाता है. टाइप-8 बंगले में 8 बड़े-बड़े कमरे होते हैं. इनमें 5 से 6 बेडरूम, एक बड़ा सा ड्राइंग रूम, स्टडी रूम मॉडर्न किचन और डाइनिंग एरिया की व्यवस्था होती है. इसके अलावा निजी गैराज, स्टोर रूम और स्टाफ क्वार्टर की भी अलग व्यवस्था होती है.
