रोहतास प्रोजेक्ट्स लिमिटेड से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में ईडी की टीम बुधवार को दो राज्यों के आठ जगहों पर छापेमारी की। ईडी की टीम एक कंपनी के लखनऊ में छह और दिल्ली में दो परिसरों पर तलाशी ले रही है। कंपनी के सभी प्रमोटर पीयूष रस्तोगी, परेश रस्तोगी और दीपक रस्तोगी, पिछले चार वर्षों से फरार हैं। साक्ष्य के अभाव और उनके द्वारा नियमों का पालन न करने के कारण कोई कुर्की नहीं की जा सकी है। साक्ष्य एकत्र करने और कुर्की के लिए सबूत जुटाने के लिए ये छापेमारी चल रही है। ईडी ने निवेशकों से 248 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में मनी लांड्रिंग की जांच के तहत उत्तर प्रदेश स्थित एक रियल्टी समूह के खिलाफ बुधवार को छापेमारी की। सूत्रों ने बताया कि ‘रोहतास प्रोजेक्ट्स लिमिटेड’ के खिलाफ मामले में लखनऊ में कम से कम आठ और दिल्ली में दो परिसरों पर छापे मारे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई मनी लांड्रिंग अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की जा रही है। मनी लांड्रिंग का यह मामला 2021 से घर/व्यावसायिक स्थान खरीदने वालों द्वारा दर्ज कराई गई 87 प्राथमिकियों से जुड़ा है। इन प्राथमिकियों में आरोप लगाया गया है कि खरीदारों के साथ धोखाधड़ी की गई और उन्हें उनकी संपत्तियां नहीं दी गईं। सूत्रों ने बताया कि ‘यूपी रेरा’ (उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण) द्वारा किए गए फोरेंसिक ऑडिट के अनुसार, इस मामले में ‘‘अपराध से अर्जित आय’’ 248 करोड़ रुपये है। वहीं एक दूसरे मामले में कर्नाटक में कांग्रेस के विधायक सतीश कृष्ण सैल के खिलाफ लौह अयस्क के कथित अवैध निर्यात से संबंधित एक मामले में ईडी ने छापेमारी की। सूत्रों ने बताया कि मनी लांड्रिंग अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कर्नाटक, गोवा और मुंबई में कम से कम 15 परिसरों पर छापे मारे जा रहे हैं। सैल उत्तर कन्नड़ जिले के कारवार विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक हैं। सूत्रों के अनुसार, सैल पर अवैध तरीके से खनन किए गए उस लौह अयस्क के निर्यात का आरोप है, जिसे कर्नाटक के कारवार स्थित बेलेकेरी बंदरगाह से वन अधिकारियों ने जब्त किया था।
