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पीएम ऑफिस का नया पता, मोदी दशक में बदले कई अहम पते और नाम,

आजाद भारत में पहली बार प्रधानमंत्री कार्यालय का पता बदलने जा रहा है. अब तक रायसीना हिल पर बने साउथ ब्लॉक से काम कर रहा प्रधानमंत्री कार्यालय जल्दी ही नए पते पर शिफ्ट होगा. नए संसद भवन से चंद कदम दूर विजय चौक के नजदीक बने नए प्रधानमंत्री कार्यालय को सेवा तीर्थ का नाम दिया गया है. हालांकि जब नए सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत नए पीएमओ की कल्पना की गई थी तब इसे एक्जीक्यूटिव एनक्लेव कहा गया था लेकिन पिछले साल दिसंबर में सरकारी सूत्रों ने जानकारी दी कि इसका नाम सेवा तीर्थ रखा गया है. इस नाम के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गहरी सोच है. 2014 में जब उन्होंने देश की कमान संभाली थी तब उन्होंने स्वयं को प्रधानमंत्री के स्थान पर प्रधान सेवक कहा था. नए प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम सेवा तीर्थ रखने के पीछे भी यही सोच है कि प्रधानसेवक का स्थान सेवा तीर्थ में है जहां 145 करोड़ देशवासियों की सेवा के लिए दिन-रात, 365 दिन अथक परिश्रम वैसे ही किया जाएगा जैसे पिछले एक दशक से हो रहा है. एक ऐसी सरकार जहां नागरिक सबसे पहले हैं. जहां शासक और शासित का संबंध नहीं बल्कि सेवा और कर्तव्य का बोध है. सत्ता का उद्देश्य लोगों पर हुकुम चलाना नहीं बल्कि उनकी सेवा करना है और यह एक दायित्व है. नाम बदलना केवल सरकारी फैसला भर नहीं बल्कि इसके गहरे सांस्कृतिक और नैतिक आयाम भी हैं. हर इमारत या सड़क का बदला नाम यही संदेश देता है कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता है और लोगों की सेवा का संकल्प है. प्रधानमंत्री मोदी की यह सोच पिछले एक दशक में बदले कई महत्वपूर्ण पतों में दिखती है. दशकों तक देश के प्रधानमंत्री का आवास रेसकोर्स रोड के नाम से जाना जाता था. पीएम मोदी ने इसे बदला. 2016 में रेस कोर्स रोड का नाम लोक कल्याण मार्ग रखा गया. इसके पीछे यह भावना है कि इस पते से देश के लोगों के कल्याण की कामना और संकल्प के साथ काम होता है.

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