ePaper

पीएम मोदी ने बताया क्यों जरूरी है महिला आरक्षण बिल, सभी पार्टियों से मांगा समर्थन

पीएम मोदी ने अपने लेख में लिखा- भारत की आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग आधी है. हमारे राष्ट्र के निर्माण में उनका योगदान बहुत विशाल और अमूल्य है. आज, भारत हर क्षेत्र में महिलाओं की शानदार उपलब्धियों का गवाह बन रहा है. फिर भी, राजनीति और विधायी संस्थाओं की दुनिया में उनका प्रतिनिधित्व हमेशा समाज में उनकी भूमिका के अनुरूप नहीं रहा है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि जब महिलाएं प्रशासन और निर्णय लेने की प्रक्रिया में हिस्सा लेती हैं, तो वे अपने साथ ऐसे अनुभव और सूझबूझ लाती हैं, जो सार्वजनिक चर्चा को मजबूत करते हैं. शासन की गुणवत्ता में सुधार लाते हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर सभी पार्टियों से समर्थन मांगा है. उन्होंने अपने लेख में लिखा- यह पल मिलकर काम करने की मांग करता है. यह किसी एक सरकार, पार्टी या व्यक्ति के बारे में नहीं है. यह पूरे देश के बारे में है कि वह इस कदम के महत्व को पहचाने और इसे साकार करने के लिए एक साथ आए. यही वह चीज है जो हम अपनी नारी शक्ति के प्रति ऋणी हैं. इसीलिए, महिला आरक्षण बिल का पास होना, ज्यादा से ज्यादा आम सहमति को दिखाना चाहिए और बड़े राष्ट्रीय हित से निर्देशित होना चाहिए. ऐसे मौके हमें खुद के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए काम करने का आह्वान करते हैं. वे हमें याद दिलाते हैं कि लोकतंत्र की असली ताकत, समय के साथ विकसित होने और ज्यादा समावेशी बनने की उसकी क्षमता में निहित है. मैं सभी सांसदों से, चाहे वे किसी भी पार्टी के हों, अपील करता हूं कि वे भारत की महिलाओं के लिए उठाए गए इस महत्वपूर्ण कदम के समर्थन में एक साथ आएं. पीएम मोदी ने कहा- 16 अप्रैल को, संसद बुलाई जाएगी ताकि एक महत्वपूर्ण बिल पर चर्चा की जा सके और उसे पारित किया जा सके. जो महिलाओं के लिए आरक्षण को आगे बढ़ाता है. इसे महज एक कानूनी प्रक्रिया कहना इसकी अहमियत को कम करके आंकना होगा. यह पूरे भारत में करोड़ों महिलाओं की उम्मीदें है. यह उस सिद्धांत की पुष्टि है जिसने लंबे समय से हमारी सभ्यतागत सोच का मार्गदर्शन किया है – कि समाज तभी आगे बढ़ता है जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं.

Instagram
WhatsApp