देश भर में एसआईआर इन दिनों चर्चाओं में हैं. देश भर के विभिन्न राज्यों में इन दिनों एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इस बीच चुनाव आयोग की एक तीन सदस्यीय टीम एसआईआर की देखरेख के लिए गुरुवार को बंगाल जाएगी. इस दौरान, वे उत्तर बंगाल के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. उप चुनाव आयुक्त ज्ञानेश भारती, प्रमुख सचिव एसबी जोशी और उप सचिव अभिनव अग्रवाल के नेतृत्व में टीम कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग और अलीपुरद्वार जिलों में एसआईआर को लेकर बैठक करेंगे. इस दौरान, वहां के जिला चुनाव अधिकारी, एडीएम (चुनाव) सहित निर्वाचन कार्यों से जुड़े अधिकारियों के साथ अलग-अलग जिलों में बैठक करेंगे. बांग्लादेश की सीमा से सटे जिलों पर चुनाव आयोग की विशेष नजर है. बता दें, चुनाव आयोग की एक टीम ने पिछले महीने कोलकाता में एसआईआर की तैयारियों का जायजा लिया था. लेकिन उत्तर बंगाल में आई आपदा के वजह से वहां के अधिकारियों से चुनाव आयोग की टीम नहीं मिल पाई थी. लेकिन अब आयोग की टीम उत्तरी जिलों की पूरी स्थिति संभालेगी. एसआईआर का उद्देश्य बंगाल के 294 विधानसभा क्षेत्रों में मतादाता सूचियों को अपडेट करना है. चुनाव आयोग द्वारा एक दिन पहले यानी बुधवार को बताया गया कि 80 हजार से अधिक बीएलओ चार दिसंबर तक घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना फोर्म दे रहे हैं. मतदाताओं की मदद से पूरे प्रदेश में 659 हेल्पडेस्क स्थापित किए गए हैं. एसआईआर प्रक्रिया के तहत राज्यभर में घर-घर जाकर 80 हजार से अधिक बीएलओ ने 84 लाख से अधिक गणना फार्म वितरित कर दिए हैं. चुनाव आयोग के अनुसार, मंगलवार से एसआईआर प्रक्रिया शुरू हुई है, जो चार दिसंबर तक चलेगी. पहले दिन यानी मंगलवार को 80,681 बीएलओ ने राज्यसभ में 18 लाख मतदाताओं को गणना फार्म सौंपा है. बुधवार तक कुल 84 लाख फार्म बांट दिए गए थे. चार दिसंबर तक 7.66 करोड़ मतदाताओं को गणना फार्म दिए जाएंगे. आयोग ने बताया कि बीएलओ की सुरक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षाकर्मी उनके साथ मौजूद हैं. राज्य में कहीं से भी अब तक अप्रिय घटना सामने नहीं आई है. आयोग ने बताया कि हमें जैसे ही बीएलओ के खिलाफ विरोध की कोई जानकारी मिलती है तो हम तुरंत डीईओ को जांच के आदेश देते हैं.
बंगाल जाएगी चुनाव आयोग की टीम,एसआईआर प्रक्रिया के लिए अधिकारियों के साथ होगी बैठक
