राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कल मंगलवार को विजय दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में परम वीर दीर्घा का उद्घाटन किया. इस गलियारे में पहले ब्रिटिश अधिकारियों की तस्वीरें हुआ करती थीं, लेकिन अब भारत के वीर सपूतों की तस्वीरें लगाई गई हैं ताकि यहां आने वाले मेहमान उनके साहस के बारे में जानकारी हासिल कर सकें. परम वीर दीर्घा नाम की गैलरी में सभी 21 परम वीर चक्र विजेताओं की तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं. इस गैलरी का मकसद यहां आने वाले मेहमानों को देश के राष्ट्रीय नायकों के बारे में जानकारी देना है, जिन्होंने हमारे देश की रक्षा में अदम्य संकल्प और अजेय भावना का प्रदर्शन किया. साथ ही यह उन बहादुरों की याद का सम्मान करने की भी एक पहल है जिन्होंने मातृभूमि की सेवा में सर्वोच्च बलिदान करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए.राष्ट्रपति भवन के जिस गलियारे में अब परम वीर दीर्घा बनाई गई है, वहां पहले ब्रिटिश की तस्वीरें लगी हुई थीं. अब देश के राष्ट्रीय नायकों की तस्वीरें प्रदर्शित करने की यह पहल औपनिवेशिक मानसिकता को खत्म करने और भारत की संस्कृति, विरासत तथा शाश्वत परंपराओं की समृद्धि को गौरव के साथ अपनाने की दिशा में एक सार्थक कदम है. परम वीर चक्र देश का सर्वोच्च सैन्य सम्मान है, और इसे देश के उन वीर सपूतों को युद्ध के दौरान वीरता, साहस और आत्म-बलिदान के सबसे असाधारण प्रदर्शन के लिए नवाजा जाता है. ब्रिटिश मानसिकता वाली तस्वीरों की जगह अब इस गलियारे में देश के लिए बलिदान और अदम्य साहस दिखाने वाले जांबाज सैनिकों की तस्वीरें होंगी और उनके बारे में जानकारी हासिल की जा सकेगी.विजय दिवस साल 1971 के युद्ध में 16 दिसंबर को पाकिस्तान पर जीत मिलने को लेकर मनाया जाता है. 1971 के जंग में इस दिन 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों के साथ पाक सेना ने भारतीय सेना के आगे आत्मसमर्पण कर दिया था और इस दिन ही विजय दिवस मनाया जाता है. बांग्लादेश का जन्म इसी जंग से हुआ था.
