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राष्ट्रपति मुर्मू ने हरिवंश को भेजा राज्यसभा, तीसरी बार बनेंगे सांसद

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा के लिए नामित किया है. यह फैसला संविधान के प्रावधानों के तहत, एक नामित सदस्य के चयन के लिए खाली हुई सीट भरने के लिए लिया गया है. अपर हाउस के मेंबर के तौर पर हरिवंश का टेन्योर 9 अप्रैल को खत्म हो गया था. भारत के पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के रिटायरमेंट के बाद खाली हुई जगह पर उन्हें राज्यसभा का मेंबर बनाया गया है. “भारत के संविधान के आर्टिकल 80 के क्लॉज (1) के सब-क्लॉज (a) और उस आर्टिकल के क्लॉज (3) द्वारा दी गई शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, राष्ट्रपति ने हरिवंश को राज्यसभा में नॉमिनेट किया ताकि वे राज्यसभा के लिए चुना है. 69 साल के हरिवंश ने बिहार से राज्यसभा के सदस्य के तौर पर अपना दो टर्म पूरा कर लिया है. उन्होंने अपर हाउस के डिप्टी चेयरमैन के तौर पर भी काम किया है. उनके फिर से JDU की ओर से सदन जाने की चर्चा थी, लेकिन पार्टी ने उन्हें नहीं भेजा. हरिवंश नारायण सिंह को अप्रैल 2014 में जनता दल यूनाइटेड ने बिहार से पहली बार राज्यसभा में भेजा था. वे 9 अगस्त 2018 को राज्यसभा के उप सभापति पद के लिए पहली बार चुने गए. इसके बाद वे 14 सितंबर 2020 को दूसरी बार राज्यसभा के उपसभापति बने. हरिवंश नारायण सिंह का कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म हो गया था. नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाने वाले हरिवंश अब राज्यसभा में लगातार तीसरा कार्यकाल शुरू करेंगे, लेकिन इस बार उन्हें JDU ने नहीं बल्कि राष्ट्रपति ने चुनकर भेजा है. हरिवंश ने अपने करियर की शुरुआत बतौर पत्रकार की थी. हालांकि इसके बाद बैंक में नौकरी भी की. उन्होंने सन 1981 से 1984 तक हैदराबाद और पटना में बैंक ऑफ इंडिया में काम किया. हालांकि जल्द ही वे पत्रकारिता के पेशे में वापस आ गए थे. वे सन 1984 से 1989 तक आनंद बाजार पब्लिकेशन ग्रुप की साप्ताहिक पत्रिका रविवार में सहायक संपादक रहे. इसके बाद 1990 के दशक में वे बिहार-झारखंड के मशहूर अखबार प्रभात खबर से जुड़ गए. इस समाचार पत्र में उन्होंने दो दशक से अधिक समय तक सेवाएं दीं.

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