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श्रवण कुमार विश्वकर्मा: ऑटो वाले की ऊंची उड़ान, कैसे बना एविएशन कंपनी का मालिक,

भारत के एविएशन सेक्टर के लिए दिसंबर का महीना काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा. दिसंबर के पहले हफ्ते में देश की सबसे बड़ी एयरलाइन को अपने अबतक के सबसे खराब समय से होकर गुजरना पड़ा. सैकड़ों की संख्या में उसकी उड़ानें कैंसिल हुईं. इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. इस बीच सरकार ने 24 दिसंबर को तीन नई एयरलाइन कंपनियों के लिए एनओसी जारी कर दिया. उम्मीद की जा रही है कि ये तीनों एयरलाइन नए साल में परिचालन शुरू करें. देश में शुरू होने वाली तीन नई एयरलाइन हैं शंख एयर, अल हिंद एयर और फ्लाई एक्सप्रेस.इनमें से शंख एयर का संबंध उत्तर प्रदेश से है. इसके प्रमोटर हैं श्रवण कुमार विश्वकर्मा.उनका जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. वो कभी कानपुर की सड़कों पर टैंपो चलाते थे और गंगा में नहाते थे, लेकिन अब वो लोगों को हवाई जहाज में उड़ाने की तैयारी कर रहे हैं. कानपुर के एक मध्यमवर्गीय परिवार में पैदा हुए श्रवण कुमार विश्वकर्मा का मन पढ़ाई में नहीं लगता था. उन्होंने छोटी उम्र में ही पढ़ाई छोड़ दी थी. उन्होंने न केवल टेंपो में सफर किया बल्कि टेंपो चलाया भी है.उनका मानना है कि जो इंसान नीचे से ऊपर उठता है, वह जिंदगी के हर अनुभव से गुजरता है, साइकिल, बस, ट्रेन और टेंपो तक. इसी सोच ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. यह उनकी सफलता का राज भी है. उनका पहला बड़ा कारोबार स्टील के सेक्टर में था.बाद में उन्होंने सीमेंट, खनन और परिवहन के क्षेत्र में भी हाथ आजमाया. उन्होंने धीरे-धीरे ट्रकों का एक बेड़ा खड़ा किया. कानपुर से शुरू हुई अपनी उड़ान की वजह से ही वो खुद को कानपुर का लड़का कहलाना अधिक पंसद करते हैं. विश्वकर्मा ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से हुई बातचीत में उनसे पूछा गया था कि उन्होंने अपनी एयरलाइन का नाम ‘शंख एयर’ ही क्यों रखा, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि उनकी ट्रेडिंग फर्म का नाम भी शंख ही था. उनका मानना है कि शंख का एक सांस्कृतिक जुड़ाव है. इसी वजह से उन्होंने अपनी एयरलाइन का नाम ‘शंख एयर’ रखा.उनके मुताबिक उनकी कंपनी त्योहारी सीजन में टिकट के दाम नहीं बढ़ाएगी.लेकिन जबकि बिजनेस श्रेणी का किराया प्रतिस्पर्धी कंपनियों से अधिक होगा. कंपनी की बेवसाइट पर कहा गया है शंख एयर का हमारा सपना उत्तर प्रदेश और उसके बाहर यात्रियों के लिए हवाई यात्रा को आसान और सुविधाजनक बनाना है. हम सस्ते किराए और बेहतरीन कस्टमर केयर के के साथ हवाई यात्रा के मानकों को नई दिशा देना चाहते हैं. उन्होंने बताया था कि शंख एयर शुरू करने का विचार उनके मन में चार साल पहले आया था. इसके बाद उन्होंने यह जानने की कोशिश शुरू की कि एयरलाइन का एनओसी कैसे मिलेगी,इसके नियम क्या हैं और प्रणाली कैसे काम करती है. इस बातचीत में उन्होंने स्वीकार किया था कि उन्होंन ऑटो चलाने के साथ-साथ कुछ छोटे-मोटे व्यवसाय भी किए, ज्यादातर में उन्हें विफलता हाथ लगी. उनके मुताबिक 2014 में उन्होंने सीमेंट के व्यापार में हाथ आजमाया, इससे उनकी कारोबारी यात्रा आगे बढ़ी. बाद में उन्होंने सरिया, खनन और ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में भी कदम रखा. उनके पास 400 से अधिक ट्रकों का बेड़ा है. उनकी मूल कंपनी का नाम शंख एजेंसी प्राइवेट लिमिटेड है. यह कंपनी बिल्डिंग मैटेरियल, कंक्रीट, सिरेमिक्स आदि में डील करती है. शंख एयर की बेवसाइट के मुताबिक श्रवण कुमार विश्वकर्मा को 2024 में अंग्रेजी अखबार ‘इकोनामिक्स टाइम्स’ ने ‘लीडरशिप एक्सिलेंस अवार्ड 2024’ से सम्मानित किया गया है.

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