गोरखपुर, 23 सितम्बर, 2024: महाप्रबन्धक, पूर्वोत्तर रेलवे सुश्री सौम्या माथुर की अध्यक्षता में क्षेत्रीय रेलवे राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक 23 सितम्बर, 2024 को महाप्रबन्धक सभा कक्ष, गोरखपुर में सम्पन्न हुई। इस अवसर पर कार्मिक विभाग द्वारा ‘रेलवे पास नियम’ पर पावर प्वाइंट प्रस्तुति दी गयी।
बैठक को संबोधित करते हुये महाप्रबन्धक सुश्री सौम्या माथुर ने कहा कि हमारी रेलवे पर राजभाषा के प्रयोग-प्रसार की स्थित अच्छी है। आप जानते हैं कि हिन्दी भारत में सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषा है। मुख्यालय द्वारा 14 सितम्बर से 20 सितम्बर तक सफलतापूर्वक राजभाषा सप्ताह समारोह-2024 का आयोजन किया गया। इस दौरान विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। पूर्वोत्तर रेलवे समय-समय पर सहित्यकारों की जयन्ती एवं सास्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर राजभाषा के प्रयोग-प्रसार में वृद्धि कर रहा है। उन्होंने कहा कि रेलवे से संबंधित प्रमुख विषयों पर हिन्दी में चर्चा हो तो सही मायने में राजभाषा हिन्दी का विकास होगा। इस दौरान सरल व बोलचाल की भाषा का प्रयोग किया जाए। पूर्वोत्तर रेलवे सरकार की राजभाषा नीति-नियमों के शत-प्रतिषत अनुपालन के प्रति पूर्णतया वचनबद्ध है। हम रोजमर्रा के कामों पर जो चर्चा करते हैं, उसकी भाषा हिन्दी होनी चाहिए तभी हिन्दी का विकास होगा। जिन विभागों में राजभाषा की बैठक नहीं हो रही है, उन्हें कराया जाए। उसमें कोई कमी न आए। कार्यालयों में कार्यषालाओं एवं तकनीकी संगोष्ठियों का आयोजन कर जागरूकता लायी जाए। इस रेलवे पर कार्यरत सभी अधिकारी व कर्मचारी अपने दैनिक कार्यों के साथ-साथ हिन्दी के प्रसार के लिये अपने प्रयास निरन्तर जारी रखें। सभी अधिकारी अपने निरीक्षणों में राजभाषा की प्रगति का भी निरीक्षण अवष्य करें। इस रेलवे द्वारा संसदीय राजभाषा समिति को कुछ बिन्दुओं के अनुपालन किए जाने का आष्वासन दिया गया है। आप सभी अपने-अपने कार्य क्षेत्र का आकलन करें और राजभाषा के नियमों एवं मानकों के अनुसार कार्यवाही करें।
सभी का स्वागत करते हुए मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं प्रमुख मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर श्री राजेष कुमार पाण्डेय ने कहा कि 14 सितम्बर, 1949 को संविधान सभा द्वारा हिन्दी को संघ की राजभाषा घोषित की गई थी। हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में मुख्यालय में 14 से 20 सितम्बर तक राजभाषा सप्ताह के अन्तर्गत विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान माननीय रेल मंत्री के संदेष का वाचन, तकनीकी संगोष्ठी, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिये क्विज प्रतियोगिता, कार्यषाला एवं साहित्यिक संगोष्ठी और सप्ताह के समापन अवसर पर कवि सम्मलेन का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। राजभाषा नियम के अन्तर्गत कार्यालयों में प्रयुक्त सभी रजिस्टरों के प्रारूप और शीर्षक, पत्र, फार्म व रबड़ की मुहरें द्विभाषी होनी चाहिए। रेल कार्यालयों में सभी बोर्ड एवं नाम पट्ट द्विभाषी हो। स्टेषन पर भी कर्मचारियों के नाम/पदनाम, बैज, संरक्षा एवं सुरक्षा सूचना से संबंधित विज्ञापन आदि नियमानुसार हों और शब्दों में कोई अषुद्वि दिखाई दे, तो उसे दूर कराया जाए। पिछली बैठक में प्रवीणता प्राप्त सभी अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा शत-प्रतिषत कार्य हिन्दी में करने, अंग्रेजी में प्राप्त सभी पत्रों के उत्तर हिन्दी में ही दिए जाने, मूल पत्राचार के शत-प्रतिषत लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु कार्यषालाओं में अधिक से अधिक कार्मिकों को नामित किया जाए। इन बिन्दुओं के अनुपालन पर निरन्तर ध्यान देना अपेक्षित है।
बैठक में 27 जून, 2024 को सम्पन्न पिछली बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि की गयी तथा उसके प्रमुख निर्णयों के अनुपालन स्थिति की समीक्षा की गयी । इसके अतिरिक्त राजभाषा अधिकारी श्री गोपाल प्रसाद गुप्ता द्वारा कार्यसूची के अनुसार समिति के सदस्यों के विचार एवं सुझाव प्राप्त किये गये।
बैठक में अपर महाप्रबन्धक श्री डी.के.सिंह, वरिष्ठ उप महाप्रबन्धक श्री नीलमणि, प्रमुख विभागाध्यक्ष, तीनों मंडलों के अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी, कारखानों एवं उत्पादन इकाइयों के उप मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं उनके प्रतिनिधि तथा वरिष्ठ पर्यवेक्षक उपस्थित थे।
उप मुख्य राजभाषा अधिकारी/मुख्यालय श्री सुमित कुमार ने आभार प्रदर्षन किया तथा बैठक का संचालन राजभाषा अधिकारी श्री गोपाल प्रसाद गुप्ता ने किया।
