दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 पर कथित मारपीट के एक गंभीर मामले में एअर इंडिया एक्सप्रेस ने त्वरित कार्रवाई की है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक यात्री द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद एयरलाइन ने अपने एक कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया है. एयर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच की जा रही है और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया जाएगा. अंकित धवन नाम के एक यात्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि एअर इंडिया एक्सप्रेस के एक पायलट ने उनके साथ शारीरिक मारपीट की. अंकित के अनुसार, यह घटना दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर सुरक्षा जांच के दौरान हुई. वह अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे और उनके साथ चार महीने का बच्चा स्ट्रोलर में था. इसी कारण एयरपोर्ट स्टाफ ने उन्हें स्टाफ और पीआरएम (विशेष सहायता) वाली सुरक्षा लाइन से गुजरने की सलाह दी थी. अंकित धवन का कहना है कि उसी लाइन में कुछ स्टाफकर्मी कतार तोड़कर आगे बढ़ रहे थे. जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो एअर इंडिया एक्सप्रेस के पायलट कैप्टन विरेंद्र सेजवाल ने कथित तौर पर उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया. विवाद बढ़ते-बढ़ते हाथापाई में बदल गया. अंकित के अनुसार, इस मारपीट में उन्हें चोटें आईं और उनके कपड़ों पर खून के निशान भी पाए गए. घटना सामने आने के बाद एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से बयान जारी किया. एयरलाइन ने इस घटना पर खेद जताया और कहा कि आरोपी कर्मचारी को तुरंत सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों से हटा दिया गया है. कंपनी ने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जाएगी और जांच पूरी होने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी. साथ ही, एयरलाइन ने पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग देने की बात भी कही है. अंकित धवन ने अपनी पोस्ट में बताया कि इस घटना के कारण उनकी छुट्टी खराब हो गई, उन्हें डॉक्टर के पास जाना पड़ा और उनकी छोटी बेटी इस घटना से डर गई. उन्होंने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति जमीन पर अपना आपा नहीं संभाल सकता, क्या उसे सैकड़ों यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए. उन्होंने दिल्ली एयरपोर्ट की व्यवस्था और दिल्ली पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए.यह मामला केवल एक यात्री पर हुए कथित हमले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यात्रियों की सुरक्षा, एयरपोर्ट प्रबंधन और विमानन कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करता है. अब सभी की नजर जांच के नतीजों और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है.
