ePaper

विश्व नमक जागरूकता सप्ताह : टाटा सॉल्ट भारतीय परिवारों को कर रहा जागरूक

दरभंगा। नमक दुनिया भर की रसोइयों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली चीजों में से एक है और सेहत पर इसके सही असर को गहराई से समझना बेहद जरूरी है। विश्व नमक जागरूकता सप्ताह 2026 दुनिया भर में सेहत को बेहतर बनाने की एक बढ़ती आवश्यकता पर नए सिरे से ध्यान खींच रहा है और वह है खाने में सोडियम की सही मात्रा चुनकर शरीर को स्वस्थ और सुरक्षित रखना। मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि दुनिया भर में लोग रोजाना लगभग 10.8 ग्राम नमक खा रहे हैं, जो डब्लूएचओ द्वारा तय की गई मात्र 5 ग्राम से कम की सुरक्षित सीमा से दोगुनी से भी ज्यादा है।  इसी संदर्भ में टाटा सॉल्ट पिछले चार दशकों से भी अधिक समय से भारतीय परिवारों में एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भारत के पहले ब्रांडेड आयोडीन युक्त नमक के रूप में और हर घर में देश का नमक के नाम से मशहूर है। वैक्यूम इवेपोरेशन तकनीक से तैयार होने के कारण, जो इसकी सभी अशुद्धियों को पूरी तरह दूर कर देती है, यह रोजाना के खाने के लिए एक बारीक, आसानी से बहने वाला (फ्री-फ्लोइंग) और पूरी तरह से साफ-सुथरा नमक प्रदान करता है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस अतिरिक्त नमक का एक बड़ा हिस्सा खाना पकाने के दौरान डाले गए नमक से नहीं आता, बल्कि बाजार की चीजों से आता है। ब्रेड, सीरियल्स, सॉस और स्नैक्स जैसे प्रोसेस्ड और पैकेटबंद खानों में इतना ज्यादा सोडियम छिपा होता है, जिस पर हमारा ध्यान ही नहीं जाता। नमक का अधिक सेवन सीधे तौर पर बढ़े हुए हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ा हुआ है और यह दिल की बीमारी, स्ट्रोक, व किडनी की बीमारी के खतरे को काफी बढ़ा सकता है। बता दें देश में आयोडीन की कमी आज भी जन-स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी और लगातार बनी रहने वाली चिंता है और इस कमी को दूर करने के लिए आयोडीन युक्त नमक ही सबसे व्यावहारिक और हर किसी तक पहुंचने वाला सबसे आसान साधन है।
Instagram
WhatsApp