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केरलम में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव आप ने जारी की 22 उम्मीदवारों की पहली सूची, संगठन मजबूत करने में जुटी पार्टी

केरलम में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. इसी बीच आम आदमी पार्टी ने राज्य में चुनावी मैदान में उतरने के लिए अपने 22 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है. पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में AAP केरल में संगठन को मजबूत करने और चुनावी आधार बढ़ाने पर जोर दे रही है. हाल ही में हुए निकाय चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के बाद पार्टी अब विधानसभा चुनाव में भी प्रभावी भूमिका निभाने की तैयारी में है. जारी सूची में पार्टी ने कई नए चेहरों और पेशेवर पृष्ठभूमि से आने वाले उम्मीदवारों को टिकट दिया है. कोट्टायम सीट से डॉ. सेलीन फिलिप, जबकि कोझिकोड नॉर्थ से डॉ. अल्फोंसा मैथ्यू को उम्मीदवार बनाया गया है। सुल्तान बथेरी की आरक्षित सीट से प्रकृति एन.वी. चुनाव मैदान में उतरेंगी. इसके अलावा थोडुपुझा से एडवोकेट बेसिल जॉन, नेमम से विनु के., इरिंजालाकुडा से डॉ. शाजु के.वाई., वडक्कनचेरी से जिथिन सदानंदन और गुरुवायूर से पौली फ्रांसिस को टिकट दिया गया है. त्रिशूर, मलप्पुरम, एर्नाकुलम और पलक्कड़ समेत कई जिलों की सीटों पर भी पार्टी ने अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। पार्टी का लक्ष्य राज्य में मजबूत विकल्प के रूप में उभरना है. इस बीच चुनाव आयोग ने केरलम विधानसभा चुनाव को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए खास तैयारियां शुरू कर दी हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा है कि केरल में होने वाले चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए एक नया बेंचमार्क स्थापित करेंगे. उन्होंने राज्य की चुनावी मशीनरी और राजनीतिक दलों के सहयोग पर भरोसा जताया है. चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सभी मतदान केंद्रों पर 100 फीसदी वेबकास्टिंग करने का फैसला लिया है. इससे मतदान की निगरानी रियल टाइम में की जा सकेगी. इसके अलावा वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं. 85 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं को घर से मतदान करने की सुविधा दी जाएगी. इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर पात्र मतदाता बिना किसी कठिनाई के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सके. केरलम की राजनीति पर परंपरागत रूप से दो प्रमुख गठबंधनों का दबदबा रहा है, लेकिन AAP जैसे नए दल भी अब अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं. विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव में नए दलों की सक्रियता से मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है. AAP की पहली सूची जारी होने के बाद अब राज्य में चुनावी माहौल और तेज होने की उम्मीद है.

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