मिडिल ईस्ट में तनाव की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से आने वाले एलपीजी टैंकरों को कुछ समय के लिए रुकावट की वजह से आने में देरी हुई. ऐसे में घरों के अलावा फैक्टरियों और दुकानों में एलपीजी की सप्लाई को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से अहम फैसला लिया गया है. सरकार ने पहले राज्यों को पुराने स्तर के 50% LPG देने की बात कही थी. अब सरकार ने इसमें 20 प्रतिशत की और बढ़ोतरी की है. इससे अब कुल 70% LPG फैक्टरियों और कमर्शियल यूज के लिए मिल जाएगा, जिससे हर दिन की जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सकेगा. सरकार ने साफ किया है कि अतिरिक्त LPG सप्लाई सिर्फ उन्हीं उद्योगों को दी जाएगी जो अर्थव्यवस्था के लिए अहम हैं. इनमें स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, केमिकल और प्लास्टिक जैसे सेक्टर शामिल हैं. ये उद्योग श्रम-प्रधान होने के साथ-साथ जरूरी सेवाओं को सपोर्ट करते हैं.इनमें से प्रक्रिया उद्योगों या उन लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्हें विशेष हीटिंग उद्देश्यों के लिए एलपीजी की आवश्यकता होती है. इन्हें प्राकृतिक गैस की तरफ से प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता है.पेट्रोलियम सेक्रेटरी द्वारा सभी राज्यों को पत्र इसे लागू करने का आग्रह किया गया है. अगर कोई फैक्ट्री ऐसी है जहां LPG को प्रक्रिया में इस्तेमाल किया जाता है या कोई खास काम के लिए LPG की जरूरत है, और नेचुरल गैस से वो काम नहीं हो सकता, तो ऐसी फैक्टरियों को ऊपर वाली दोनों शर्तें (रजिस्ट्रेशन और PNG अप्लाई) नहीं करनी पड़ेंगी. यानी उनके लिए ये शर्तें माफ कर दी जाएंगी.
