पश्चिम बंगाल में जहां एक तरफ कल शनिवार को नई सरकार अस्तित्व में आ जाएगी तो दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने केंद्र और बंगाल के बीच टकराव के चलते अटकी परियोजनाओं और केंद्रीय योजनाओं में तेजी लाने के लिए काम भी शुरू कर दिया है. कहा जा रहा है कि राज्य में नई सरकार के गठन के साथ ही रुकी योजनाओं और परियोजनाओं में आ रही बाधाओं को दूर कर इस पर तेजी से काम शुरू कर दिया जाएगा. पीएम नरेंद्र मोदी ने भी कैबिनेट की बैठक में कहा था कि पश्चिम बंगाल को विकसित बनाना है. लिहाजा केंद्र सरकार ने इस पर काम शुरू कर दिया है. केंद्र की ओर से हर मंत्रालय से ऐसी योजनाओं की लिस्ट मांगी गई है जो पिछले 12 सालों से ममता बनर्जी सरकार के टकराव वाले रवैये की वजह से रुकी हुई है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को हर मंत्रालयों से इस संबंध में समन्वय करने की जिम्मेदारी दी गई है. राजनाथ ने सभी केंद्रीय मंत्रियों को फोन करके उनकी रुकी परियोजनाओं और संबंधित मंत्रालयों की अटकी योजनाओं की लिस्ट मांगी है. सभी मंत्रालयों ने इस संबंध में ब्यौरा देना शुरू कर दिया है. एक बार सभी मंत्रालयों से जानकारी मिलने के बाद केंद्रीय स्तर पर इन योजनाओं के रास्ते में आने वाले अड़चनों को दूर करने का काम शुरू होगा. केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद से ममता बनर्जी सरकार का रवैया टकराव वाला रहा. बंगाल में मोदी सरकार की कई योजनाओं को लागू ही नहीं किया गया. और जिन योजनाओं को लागू भी किया गया तो उन्हें बदल दिया गया. बार्डर फेंसिंग का मामला हो या कुछ अहम प्रोजेक्ट का. राज्य सरकार ने परियोजनाओं के लिए या तो जमीन नहीं दी या फिर दूसरे बहाने बनाकर काम शुरू ही नहीं होने दिया. अब सरकार बनते ही डबल इंजन सरकार की तेजी का लाभ पश्चिम बंगाल को भी सकता है.
बंगाल में डबल इंजन सरकार में ममता राज में अटकी योजनाओं को मिलेगी धार, केंद्र ने हर मंत्रालय से मांगी लिस्ट
