पटना की सियासी फिज़ा में अचानक गर्माहट आ गई है। चर्चाओं के मुताबिक बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार कल सम्राट कैबिनेट का हिस्सा बन सकते हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि 7 मई को गांधी मैदान में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में वे मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं, जिससे बिहार की राजनीति में एक नया सियासी मोड़ आ सकता है। देर रात जनता दल यूनाइटेड के नेताओं की अहम बैठक में इस मसले पर गंभीर मंथन हुआ, जिसके बाद निशांत कुमार ने सरकार का हिस्सा बनने पर अपनी रज़ामंदी जाहिर की। हालांकि शुरुआती दौर में उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखने का रुख अपनाया था, लेकिन अब परिस्थितियां बदलती नज़र आ रही हैं। आज दिल्ली से पार्टी के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह ललन सिंह समेत अन्य नेता पटना लौट रहे हैं। माना जा रहा है कि उनके साथ अंतिम दौर की बातचीत के बाद आधिकारिक ऐलान किया जा सकता है। यह पूरा घटनाक्रम राजनीतिक गलियारों में एक खामोश सियासी तूफान की तरह देखा जा रहा है। बता दें कि मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी पहले संकेत दिए थे कि यदि निशांत कैबिनेट में शामिल होते हैं तो उन्हें खुशी होगी। यह बयान अब और ज्यादा अहम हो गया है क्योंकि सियासी समीकरण तेजी से बदलते दिख रहे हैं।निशांत कुमार पिछले कुछ समय से बिहार सद्भावना यात्रा पर हैं और लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं। वे आम जनता से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं और अपने पिता के विकास कार्यों का फीडबैक भी ले रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनका यह ग्राउंड कनेक्शन भविष्य में उन्हें एक मजबूत सियासी चेहरा बना सकता है। निशांत कुमार पिछले कुछ समय से बिहार सद्भावना यात्रा पर हैं और लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं। वे आम जनता से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं और अपने पिता के विकास कार्यों का फीडबैक भी ले रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनका यह ग्राउंड कनेक्शन भविष्य में उन्हें एक मजबूत सियासी चेहरा बना सकता है। फिलहाल आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन पटना से लेकर दिल्ली तक सियासी हलचल तेज है। अगर यह खबर सच साबित होती है तो इसे बिहार की राजनीति में वंशवाद से नेतृत्व परिवर्तन की सबसे बड़ी एंट्री माना जाएगा।
