दरअसल, जापान और उत्तर पूर्वी राज्यों के लोगों ने संस्कृति और खानपान में समानता के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सहयोग की संभावनाओं को भी स्वीकार किया है। यही कारण है कि विगत कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच कई उच्च स्तरीय दौरे हो चुके हैं। ऐसे ही कुछ अहम घटनाक्रमों पर एक नजर: इस वर्ष फरवरी में जापान के विदेश मामलों के राज्य मंत्री इवाओ होरी की यात्रा हुई थी। होरी ने मेघालय और असम के मुख्यमंत्रियों से मुलाकात की थी। मेघालय के मुख्यमंत्री ने इस वर्ष अप्रैल में जापान का दौरा किया। जापान में 5,000 युवाओं को मिलेगी ट्रेनिंग। कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर कर चुके हैं दोनों पक्ष। पिछले साल जनवरी में असम के मुख्यमंत्री ने किया था जापान दौरा। असम और आसियान वन के बीच पांच वर्षों की अवधि में 20,000 युवाओं के प्रशिक्षण के लिए हुआ है समझौता। 2024 में मेघालय सरकार ने शिलांग के चेरी ब्लॉसम महोत्सव में भागीदार देश जापान के साथ सहयोग का करार किया। पूर्वोत्तर भारत में कनेक्टिविटी और विकास के लिए साझेदारी। बुनियादी ढांचा, शहरी नवीकरण, ऊर्जा, कृषि, पर्यटन और कौशल विकास से संबंधित परियोजनाओं पर मिलकर काम कर रहे दोनों देश। पूर्वोत्तर जापान के मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण के अनुकूल। दक्षिण एशिया को दक्षिणपूर्व एशिया से जोड़ने वाले सेतु का काम करता है पूर्वोत्तर। पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद। द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे दोनों देश। पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी। भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के मुताबिक पीएम ताकाइची का यह दौरा भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जापान एकमात्र ऐसा देश है जिसके साथ भारत ने पूर्वोत्तर के विकास के लिए एक समर्पित संस्थागत तंत्र- ‘भारत-जापान एक्ट ईस्ट फोरम’ बनाया है। प्रधानमंत्री ताकाइची की इस यात्रा के दौरान 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन समेत कई अहम कार्यक्रम आयोजित होंगे। दोनों देशों के बीच लगातार मजबूत हो रही रणनीतिक साझेदारी के बीच इस यात्रा को बेहद अहम माना जा रहा है। पीएम मोदी के निमंत्रण पर 1 से 3 जुलाई तक भारत दौरे पर आईं ताकाइची हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक में हिस्सा लेंगी। भारत में पीएम ताकाइची के कार्यक्रम पर विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया कि दोनों शीर्ष नेताओं के बीच आज अहम द्विपक्षीय बैठक होगी। इस बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से संवाद होगा।बातचीत का मुख्य फोकस आर्थिक सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा रहेगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए दोनों देश अपने रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करना चाहते हैं। साथ ही, जापान और भारत के बीच ‘विशेष रणनीतिक वैश्विक साझेदारी’ को और आगे बढ़ाने तथा आपसी सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा होगी। इससे पहले खुद पीएम ताकाइची ने कहा था कि भारत, जापान की तरह एशिया का एक प्रमुख लोकतांत्रिक देश है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ ‘फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक’ (एफओआईपी) की दिशा में प्रयासों पर भी चर्चा होगी। इस दौरान जापान, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और भारत के ढांचे से जुड़े सहयोग पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
