राजधानी पटना के लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले आठ दिनों से जारी नगर निगम सफाई कर्मियों की हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप होने और शहर में कूड़े का अंबार लगने के बाद सरकार ने सक्रिय पहल की। नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा और सफाई कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई निर्णायक वार्ता सफल रही, जिसके बाद सफाई कर्मियों ने औपचारिक रूप से हड़ताल खत्म करने का ऐलान कर दिया। लगातार आठ दिनों तक चली हड़ताल के कारण राजधानी की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। शहर की सड़कों, गलियों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में कूड़े के ढेर जमा हो गए थे। लगातार हो रही बारिश ने हालात को और गंभीर बना दिया था। गीले कचरे से उठ रही दुर्गंध, जलजमाव और सड़कों पर फैली गंदगी से लोगों का जीना मुश्किल हो गया था। कई इलाकों में संक्रमण फैलने की आशंका भी बढ़ने लगी थी। बढ़ते जनदबाव और बिगड़ती स्थिति को देखते हुए सरकार ने तुरंत पहल की। नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा ने सफाई कर्मियों के प्रतिनिधियों के साथ लंबी बातचीत की। वार्ता के दौरान उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक चर्चा हुई और समाधान का रास्ता निकला। दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद सफाई कर्मियों ने आंदोलन वापस लेने और काम पर लौटने की घोषणा कर दी। हड़ताल समाप्त होने के साथ ही नगर निगम अब पूरे शहर में विशेष अभियान चलाकर जमा कचरे का उठाव करेगा। प्राथमिकता उन इलाकों को दी जाएगी, जहां पिछले आठ दिनों में सबसे अधिक कचरा जमा हुआ है। निगम की टीमें सड़कों, बाजारों और मोहल्लों में युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाकर व्यवस्था को जल्द सामान्य करने में जुटेंगी। सरकार को उम्मीद है कि हड़ताल समाप्त होने के बाद राजधानी की सफाई व्यवस्था तेजी से पटरी पर लौटेगी और लोगों को गंदगी, दुर्गंध और जलजमाव जैसी समस्याओं से जल्द राहत मिलेगी। वहीं सफाई कर्मियों और सरकार के बीच बनी सहमति को लंबे समय से चले आ रहे विवाद के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
