पटना, जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटना में रविवार को ‘नन्हे योद्धाओं की बड़ी जीत’ नाम से विशेष बाल कैंसर विजेता मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 30 से अधिक ऐसे बच्चे शामिल हुए, जो कैंसर का उपचार पूरा कर अब स्वस्थ जीवन की ओर लौट चुके हैं। उनके साथ परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के साहस, परिवारों के सहयोग और उपचार के बाद की सकारात्मक जीवन-यात्रा को सम्मान देना था। कार्यक्रम में बच्चों और उनके परिवारों के लिए संवाद, अनुभव साझा करने, मनोरंजक गतिविधियों और सम्मान का आयोजन किया गया। कई परिवारों ने उपचार के दौरान की चुनौतियों और स्वस्थ होने के बाद की अपनी यात्रा साझा की। इस अवसर पर डॉक्टरों ने बाल कैंसर में समय पर पहचान, सही उपचार योजना और लंबे समय तक नियमित फॉलो-अप के महत्व पर भी चर्चा की। डॉ. संतोष कुमार, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजिस्ट एवं बीएमटी विशेषज्ञ, मेदांता पटना ने कहा कि बच्चों में कैंसर का समय पर निदान और सही उपचार बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आज कई प्रकार के बाल कैंसर में बेहतर उपचार परिणाम संभव हैं। उपचार के बाद नियमित फॉलो-अप और परिवार का भावनात्मक सहयोग बच्चों को सामान्य जीवन में लौटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डॉ. अमित कुमार, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजिस्ट, मेदांता पटना ने कहा कि कैंसर का उपचार केवल बीमारी तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास को भी ध्यान में रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मिलन कार्यक्रम बच्चों और परिवारों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और दूसरे मरीजों के लिए भी उम्मीद का संदेश बनते हैं। कार्यक्रम में बच्चों को सम्मानित किया गया और उनके साथ विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। परिवारों ने भी डॉक्टरों और उपचार टीम के साथ अपने अनुभव साझा किए और इस तरह के कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की इच्छा जताई डॉ. रवि शंकर सिंह, मेडिकल डायरेक्टर, मेदांता पटना ने कहा कि इन बच्चों की मुस्कान और उनका स्वस्थ जीवन अस्पताल की पूरी टीम के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि मेदांता पटना बाल कैंसर के उपचार में विशेषज्ञ चिकित्सा, समन्वित देखभाल और परिवार-केंद्रित सहयोग के साथ काम कर रहा है। भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से कैंसर से उबर चुके बच्चों और उनके परिवारों को जोड़ने का प्रयास जारी रहेगा।
