बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले महागठबंधन की राजनीति दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है. कांग्रेस ने 23 अक्टूबर को होने वाले विधान परिषद चुनाव के लिए पांच उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं. खास बात यह है कि जिन सीटों पर कांग्रेस ने उम्मीदवार उतारे हैं, उनमें से तीन पर उसका मुकाबला सहयोगी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से भी होगा. ऐसे में चुनावी मैदान में महागठबंधन के दो प्रमुख दलों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है. उम्मीदवारों की घोषणा के बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं. कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल की मंजूरी के बाद गुरुवार देर शाम पार्टी ने विधान परिषद चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों की सूची जारी की. पार्टी ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा को दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एक बार फिर उम्मीदवार बनाया है. इस सीट पर राजद ने अब तक अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है. इसके अलावा संजय यादव को पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारा गया है. इस सीट पर भी राजद ने कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया है. कांग्रेस ने कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से मनोज कुमार जायसवाल, दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से रजनीकांत पाठक और पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से असदुल्लाह खान को उम्मीदवार बनाया है. इन तीनों सीटों पर राजद पहले ही अपने उम्मीदवार घोषित कर चुका है. ऐसे में इन क्षेत्रों में महागठबंधन के दोनों सहयोगी दलों के बीच सीधा मुकाबला तय माना जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे चुनावी समीकरणों पर असर पड़ सकता है. राजद ने पिछले महीने छह सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों का ऐलान किया था. उस समय पार्टी ने कहा था कि शेष सीटों पर बाद में फैसला लिया जाएगा. हालांकि अब कांग्रेस के उम्मीदवार घोषित होने के बाद कुछ सीटों पर दोनों दलों की चुनावी रणनीति अलग-अलग नजर आ रही है.
