ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि देने के लिए भारत की ओर से एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा शामिल रहे। दोनों नेताओं ने अंतिम संस्कार से जुड़े शोक समारोह में भाग लेकर भारत सरकार और देश की जनता की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर समारोह की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने बिहार के राज्यपाल के साथ तेहरान में भारत का प्रतिनिधित्व किया और भारत सरकार एवं देशवासियों की ओर से दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी। वहीं, बिहार राजभवन ने भी X पर जारी पोस्ट में बताया कि राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने हालिया पश्चिम एशिया संघर्ष में जान गंवाने वाले सभी लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। राजभवन ने शोक समारोह की तस्वीरें भी साझा कीं। भारत में ईरान के दूतावास ने भी एक वीडियो जारी किया, जिसमें बिहार के राज्यपाल और विदेश राज्य मंत्री को दिवंगत ईरानी नेता को श्रद्धांजलि देते हुए देखा जा सकता है। दूतावास ने कहा कि भारत सरकार के विशेष प्रतिनिधियों ने इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके अलावा भारतीय धार्मिक नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी तेहरान पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। वहीं कांग्रेस की ओर से पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद अंतिम संस्कार समारोह में शामिल हुए और पार्टी का प्रतिनिधित्व किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि भारत सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिनिधित्व बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने 2 जुलाई को जारी अपने बयान में कहा था कि इस उच्चस्तरीय प्रतिनिधित्व से भारत और ईरान के बीच गहरे सभ्यतागत संबंधों तथा दोनों देशों के लोगों के बीच मजबूत संपर्क का महत्व स्पष्ट होता है, जो द्विपक्षीय राजनीतिक और आर्थिक संबंधों की मजबूत आधारशिला है। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान में मुख्य अंतिम यात्रा 6 जुलाई को निकाली जाएगी। इसके बाद 7 जुलाई को पवित्र शहर क़ोम में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जबकि 9 जुलाई को खामेनेई के गृह नगर मशहद में अंतिम संस्कार की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
