पटना में एक बार फिर प्रदर्शन किए जा रहे हैं. महागठबंधन के नेता CEC ज्ञानेश कुमार और SIR के खिलाफ आक्रोश मार्च कर रहे हैं. इस दौरान सड़क पर बवाल देखने के लिए मिला. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव मार्च में शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई जगहों पर बैरिकेडिंग की गई थी.आक्रोश मार्च के दौरान देखा गया कि तेजस्वी यादव बैरिकेडिंग पर ही बैठ गए. इसके बाद वे आगे बढ़े. देखते ही देखते तेजस्वी यादव और पुलिस के बीच झड़प हुई. इसके बाद उन्हें पुलिस लोकभवन लेकर गई. सिर्फ तेजस्वी यादव ही नहीं बल्कि उनकी बहन मीसा भारती और वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी को भी पुलिस लोकभवन राज्यपाल से मिलाने के लिए लेकर गई. इस दौरान महागठबंधन के नेताओं का गुस्सा और ज्यादा भड़क उठा. कई महागठबंधन के नेता इस दौरान एसडीपीओ की गाड़ी पर चढ़ गए. मुकेश सहनी और आईपी गुप्ता ने आरोप लगाए. मुकेश सहनी ने कहा कि उनकी उंगली तोड़ दी गई. जबकि आईपी गुप्ता ने कहा कि उनके पेट में डंडा घुसाया गया. इस दौरान पटना की सड़क पर जमकर बवाल देखने के लिए मिला. प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा, विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठाता रहा है. एसआईआर के दौरान कई वोटर्स के नाम प्रभावित हुए हैं. ऐसे में आज महागठबंधन के नेता एकजुट हुए हैं और सड़क पर उतरे हैं. उन्होंने यह भी कहा, महागठबंधन ने चुनाव आयोग से इन आरोपों को लेकर जवाब मांगा है. पटना में महागठबंधन के आक्रोश मार्च को लेकर पहले से पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में था. जगह-जगह पर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी. वाटक कैनन भी तैयार रखा गया था. इसके साथ ही भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी. इस तरह से पूरे पांच लेयर में बैरिकेडिंग की व्यवस्था थी. ऐसे में तेजस्वी यादव समेत महागठबंधन के नेता प्रदर्शन के लिए उतरे. लेकिन उन्हें पुलिस लोकभवन लेकर गई है. देखना होगा कि राज्यपाल से तेजस्वी यादव की क्या कुछ बात होती है.
