बलिया/ बेगूसराय जिले के बलिया प्रखंड अंतर्गत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बलिया द्वारा लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। बाढ़ पीड़ितों को चिकित्सीय परामर्श के साथ जरूरी दवाइयां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को काफी राहत मिल रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बलिया की 9 स्वास्थ्य टीमें नियमित रूप से बाढ़ प्रभावित गांवों में शिविर लगाकर लोगों का इलाज कर रही हैं। शिविरों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा मरीजों की जांच की जाती है। चिकित्सीय परामर्श के बाद आवश्यकतानुसार दवाओं का वितरण भी किया जाता है, ताकि बाढ़ के कारण उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का समय पर उपचार हो सके। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में प्रतिदिन 2000 से अधिक रोगियों का उपचार किया जा रहा है। बड़ी संख्या में लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य टीमें लगातार गांवों में सक्रिय हैं। बाढ़ के दौरान संक्रमण, बुखार, त्वचा संबंधी समस्याओं तथा अन्य मौसमी बीमारियों से प्रभावित लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आपात स्थिति में एंबुलेंस की सुविधा बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को भी ध्यान में रखा गया है। सनहा-गोरगामा बांध पर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे गंभीर मरीजों एवं आपात स्थिति में जरूरतमंद लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मदद मिल सके। बाढ़ के कारण सड़क एवं आवागमन प्रभावित होने के बावजूद स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए विभाग द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेने के लिए आईएएस अधिकारी सह बलिया एसडीएम अजय कुमार यादव, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बलिया के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार एवं जिला के वरीय पदाधिकारियों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य शिविरों में उपलब्ध सुविधाओं, मरीजों के उपचार तथा दवा वितरण की स्थिति की जानकारी ली जा रही है। निरीक्षण के पश्चात सामने आने वाली कमियों को गंभीरता से लेते हुए उनके ससमय निपटारे की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के लगातार निरीक्षण और स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रियता से बाढ़ प्रभावित लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
