इस दिन को खास दिवस के रूप में मनाने के पीछे सबसे बड़ा लक्ष्य है एचआईवी संक्रमण के प्रसार के कारण होने वाली एड्स महामारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने और बीमारी से मरने वालों के प्रति शोक व्यक्त करने के लिए समर्पित है. एक्वायर्ड इम्युनोडेफिशिएंसी सिंड्रोम (एड्स) मानव इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) के कारण इसके मरीज की जान जाती है. इसी उपलक्ष्य में मधुबनी मेडिकल कॉलेज में मेडिकल, नर्सिंग और पैरामेडिकल के छात्रों ने (एचआईवी) को लेकर जागरूकता रैली निकाली और अन्य कार्यकर्म प्रसतुत किये जैसे की पोस्टर बैनर, नुक्कड़ नाटक इस कार्यकर्म में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मंज़ूर अहमद ठोकर, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर असीम ज़फर, मेडिकल सुपरिन्टेन्डेन्ट डॉ अजय लाल दास और अन्य फैकल्टी गण डॉ अखिल बंधू बिस्वास, डॉ साजिद और डॉ धीरज महासेठ मौजूद थे वही मेडिकल कॉलेज के निदेशक तौसीफ अहमद ने कहा इस दिवस को मनाने का एक और मकसद है. वो मकसद है HIV संक्रमित लोगों के प्रति होने वाले भेदभाव को रोका जा सके. पहले एड्स बीमारी से ग्रसित लोगों को लोग अछूत समझते थे. समाज के इसी नजरिए की वजह से लोग HIV संक्रमण का टेस्ट कराने से भी हिचकिचाते थे. टेस्ट में पॉजिटिव आने पर परिवार, रिश्तेदार या दोस्तों को बताने में भी उन्हें शर्म महसूस होती थी. विश्व एड्स दिवस का मकसद पीड़ित लोगों को लेकर समाज को संवेदनशील बनाना भी है.
