गोपालगंज, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, गोपालगंज द्वारा मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन में लगातार लापरवाही एवं खराब कार्य प्रगति को लेकर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। विजयीपुर प्रखंड में कार्यरत कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) श्री जितेंद्र कुमार का अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार मनरेगा योजनाओं के विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर लगातार असंतोषजनक प्रगति पाई गई थी। विभागीय समीक्षा बैठकों, पत्राचार एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कई बार निर्देश दिए जाने के बावजूद कार्यों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। आदेश में बताया गया कि मनरेगा मजदूरों के e-KYC की उपलब्धि मात्र 38.71 प्रतिशत रही। समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने, सामग्री मद के बिल एवं वाउचर की डेटा एंट्री नहीं करने, जियो टैगिंग कार्य में शून्य प्रगति तथा मानव दिवस सृजन में अत्यंत कम उपलब्धि जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। समीक्षा में यह भी पाया गया कि मानव दिवस सृजन के लक्ष्य 39,403 के विरुद्ध मात्र 1,486 की उपलब्धि हुई, जो केवल 3.77 प्रतिशत है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए मानव दिवस सृजन की उपलब्धि भी काफी कम रही। वहीं PMAY-G, NMMS तथा अन्य योजनाओं में भी प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। जिला प्रशासन ने कहा कि लगातार चेतावनी एवं स्पष्टीकरण मांगने के बावजूद कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं था। विभागीय आदेश में इसे घोर लापरवाही एवं कर्तव्यहीनता माना गया है। ग्रामीण विकास विभाग, बिहार पटना के निर्देशों के आलोक में यह कार्रवाई करते हुए श्री जितेंद्र कुमार, कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा), विजयीपुर का अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारी, विजयीपुर को कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि सभी लंबित कार्यों का निष्पादन विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करें। आदेश में यह भी कहा गया है कि संबंधित सभी अभिलेख, योजना पंजी, बैठक पंजी, रोकड़ पंजी एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज तत्काल प्रखंड विकास पदाधिकारी को हस्तांतरित किए जाएं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर आम लोगों तक पहुंच सके।
