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मॉरीशस के दौरे पर नेवी चीफ कृष्ण स्वामीनाथन, समुद्री सहयोग मजबूत करने पर होगा जोर

भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन 10 से 13 अगस्त तक चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर मॉरीशस में हैं. नौसेना प्रमुख बनने के बाद यह उनका मॉरीशस का पहला दौरा है. इस यात्रा का मकसद भारत और मॉरीशस के बीच समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग को और मजबूत करना है. इस यात्रा के दौरान एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन मॉरीशस सरकार के वरिष्ठ नेतृत्व से मुलाकात करेंगे. इस दौरान समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, क्षमता निर्माण और सैन्य सहयोगसहित आपसी हित के कई अहम मुद्दों पर बातचीत होगी. इस बातचीत का मकसद समुद्री क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना, संचालन स्तर के संपर्कों को बढ़ाना और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है. भारत और मॉरीशस के बीच हिंद महासागर क्षेत्र में लंबे समय से मजबूत समुद्री साझेदारी रही है. भारतीय नौसेना मॉरीशस के नेशनल कोस्ट गार्ड के साथ नियमित रूप से प्रशिक्षण आदान-प्रदान और परिचालन गतिविधियों में भाग लेती है. इनमें संयुक्त विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) निगरानी, बंदरगाह यात्राएं और हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण शामिल हैं.मॉरीशस भारतीय नौसेना की कई अहम पहलों में भी नियमित रूप से हिस्सा लेता रहा है. इनमें इंडियन ओशन नेवल सिंपोजियम (IONS, MILAN, इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू, गोवा मैरीटाइम कॉन्क्लेव, IOS SAGAR और एक्सरसाइज AIKEYME शामिल हैं. नौसेना प्रमुख का पदभार संभालने के बाद एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन की मॉरीशस यात्रा भारत द्वारा मॉरीशस के साथ अपनी मित्रता को दिए जाने वाले महत्व को रेखांकित करती है. यह साझेदारी आपसी सम्मान, विश्वास और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय सहयोग तथा स्थिरता के साझा संकल्प पर आधारित है. भारत और मॉरीशस की यह साझेदारी हिंद महासागर में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जाती है.नौसेना प्रमुख का पदभार संभालने के बाद एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन मॉरीशस दौरा दोनों देशों के बीच विश्वास, रक्षा सहयोग और समुद्री साझेदारी को और मजबूत करने का संदेश देता है.

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