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यदि राजपरिवार हो तैयार तो इंटैक लौटाएगा राजनगर पैलेस का गौरव

आज इंडियन नेशनल  ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इंटैक) के मधुबनी चैप्टर के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित सेमिनार का उद्घाटन इंटैक के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह ठाकुर जी के करकमलों से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। ग्रीन ऑनियन रेस्टुरेंट के सभागार में आयोजित इस सेमिनार में जिले भर से आए हुए पुरातत्व, साहित्य एवं कला प्रेमियों ने इसमें भाग लिया। इस अवसर पर डॉ शिवकुमार मिश्र की पुस्तक बिहार की प्रमुख सूर्य प्रतिमाएँ, हृदय नारायण झा लिखित छठ लोक गीत और सौम्या आँचल द्वारा संपादित छठ पूजा नामक पुस्तक का लोकार्पण भी संपन्न हुआ। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए इंटैक के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 1984 से ही इंटैक सम्पूर्ण भारत में व्याप्त विरासत के संरक्षण के प्रति क्रियाशील है और न केवल परिरक्षण कार्य कर रही है बल्कि जन जागरूकता का भी दायित्व बखूबी निभा रही है। उन्होंने इंटैक मधुबनी चैप्टर की शुरुआत करने के लिए जिले के बुद्धिजीवियों की भी सराहना की और डॉ अभिषेक कुमार एवं प्रतीक प्रभाकर को उनके प्रयास के लिए बधाई दिया। उन्होंने मधुबनी की अपनी यात्रा में राजनगर पैलेस के भ्रमण को विस्मृत कर देने वाला अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि यदि राजनगर पैलेस के सम्पत्तिधारक यदि तैयार हों तो इंटैक इस बेमिशाल विरासत को फिर से इसका पुराना स्वरूप और गौरव लौटाने को तैयार है।  समारोह को संबोधित करते हुए जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी नीतीश कुमार ने कहा कि इंटैक का विरासत संरक्षण का बेहतरीन इतिहास रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में मधुबनी जिले में मौजूद विरासत की पुरानी परंपरा के संरक्षण का कार्य पूरी तत्परता से होगा। जिले में विरासत संरक्षण को लेकर सतत प्रयत्नशील रहने वाले अमल कुमार झा ने विस्तार से जिले में विरासत संरक्षण की दशा और दिशा पर प्रकाश डाला और उपस्थित लोगों को जिले के विरासत संरक्षण के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।  आयोजन को संबोधित करते हुए इंटैक बिहार चैप्टर के कन्वेनर भैरव लाल दास ने इंटैक के मधुबनी चैप्टर के शुभारंभ पर अपनी हार्दिक खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मधुबनी चैप्टर के आरंभ का उन्हें लम्बे समय से इंतजार था जो आज पूरा हो रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले दिनों में मधुबनी के बुद्धिजीवी इंटैक के प्रयासों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे और अपने विरासत के कर्ज का हक अदा करेंगे। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बिहार चैप्टर के को-कन्वेनर डॉ शिवकुमार मिश्र ने विरासत संरक्षण के लिए जन जागरूकता पर बल देते हुए कहा कि जिले में गांव-गांव में पुरातात्विक महत्व की प्राचीन मूर्तियाँ एवं अन्य अवशेष मिल रहे हैं। जिनके संरक्षण के लिए जिले के लोगों को आगे आना होगा।  सेमिनार की अध्यक्षता कर रहे डॉ नरेन्द्र नारायण सिंह निराला ने कहा कि आज जब मधुबनी जिले में इंटैक चैप्टर का आगाज हो रहा है, यह दिन जिले के विरासत संरक्षण के लिए एक स्वर्णिम अवसर के रूप में अंकित किया जाएगा। उन्होंने समारोह के विषय “मधुबनी जिले की सांस्कृतिक विरासत” विषय पर प्रकाश डालते हुए जिले के आँचलिक इतिहास को भारतीय सामाजिक इतिहास का अभिन्न हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि मधुबनी का गौरवशाली इतिहास रहा है और यह हमारी जिम्मेवारी है कि हम मिलकर अपने विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखें। यदि हम इसमें असफल रहे तो आने वाला दौर हमे माफ नहीं करेगा।  कार्यक्रम में स्वागत संबोधन प्रतीक प्रभाकर ने किया और कार्यक्रम संचालन के साथ धन्यवाद ज्ञापन डॉ अभिषेक कुमार ने किया। इस अवसर पर पद्मश्री शिवन पासवान, उमेश चंद्र मिश्र, अमल कुमार झा, चन्दना दत्त, मधु कुमारी, डॉ मीनाक्षी कुमारी, डॉ अपर्णा कुमारी, डॉ शिवकुमार पासवान, सुबोध कुमार झा, सुरेश कुमार बैरोलिया, अंजना मिश्रा, कौशिक कुमार झा, विनयानन्द झा, जयानंद मिश्र, डॉ चंदन कुमारी, विवेक कुमार, संजय जायसवाल, संजीव झा, दीप नारायण विद्यार्थी, यू एन तिवारी, इंद्रभूषण रमण, बसंती देवी, शुभ कुमार वर्णवाल सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
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